बागियों को नहीं मिलेगा मौका, मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार में शिवसेना के इन 2 सांसदों को मिलेगा मंत्रीपद!
Modi Cabinet Expansion Shiv Sena Shinde MPs: मोदी सरकार के आगामी कैबिनेट विस्तार में शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसदों को मिल सकती है जगह। जानें रेस में कौन आगे।
- Written By: अनिल सिंह
Modi Cabinet Expansion Shiv Sena MP News: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के आगामी संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति और विशेषकर शिवसेना (शिंदे गुट) के भीतर हलचलें काफी तेज हो गई हैं। कुछ ही दिनों पहले शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट से बगावत कर 6 सांसदों के शिंदे गुट में शामिल होने के बाद ‘ऑपरेशन टाइगर’ सफल रहा था।
पहले चर्चा थी कि इन पाला बदलने वाले सांसदों में से दो को केंद्र में मंत्री पद से नवाजा जाएगा। लेकिन अब इस समीकरण में एक बड़ा राजनीतिक मोड़ आता दिख रहा है, जिससे बगावत करने वाले प्रमुख सांसदों को बड़ा झटका लग सकता है।
ओमराजे और संजय जाधव की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी
पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी चर्चाओं के अनुसार, शुरुआत में परभणी लोकसभा क्षेत्र के सांसद संजय जाधव और धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर का नाम केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए सबसे आगे चल रहा था। ‘ऑपरेशन टाइगर’ के समय ओमराजे निंबालकर ने शुरुआत में कड़ा रुख अपनाया था और उनके बिना दो-तिहाई का आंकड़ा (6 सांसद) पूरा होना मुश्किल था, जिसके बाद एकनाथ शिंदे ने उन्हें विशेष रूप से मनाया था।
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लेकिन अब सूत्रों का दावा है कि कैबिनेट रेस में दो पुराने और वफादार नाम, सांसद श्रीरंग बारणे और एकनाथ के बेटे सांसद श्रीकांत शिंदे के नामों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
श्रीरंग बारणे और श्रीकांत शिंदे का नाम
यदि प्रधानमंत्री मोदी और एकनाथ शिंदे के बीच होने वाली अंतिम बैठक में श्रीरंग बारणे और श्रीकांत शिंदे के नामों पर मुहर लग जाती है, तो बगावत करके आए संजय जाधव और ओमराजे निंबालकर के मंत्री बनने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के पुराने और संकट के समय साथ खड़े रहने वाले वफादार सांसदों को नजरअंदाज करना शिंदे गुट के लिए आंतरिक मतभेद पैदा कर सकता है, यही वजह है कि सीनियर सांसदों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सांसद बारणे की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलने की अटकलों के बीच मावल से सांसद श्रीरंग बारणे की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। बारणे ने कहा, “केंद्रीय मंत्रिमंडल में किसे जगह देनी है और किसे नहीं, इसका अंतिम और सर्वमान्य फैसला हमारे नेता एकनाथ शिंदे साहब ही करते हैं। शिंदे साहब हमेशा जमीनी कार्यकर्ताओं और सांसदों को न्याय देते आए हैं।”
जब उनसे ठाकरे गुट से बगावत कर आए 6 सांसदों को लेकर सवाल पूछा गया कि उन्हें बीजेपी में शामिल कराने के बजाय शिवसेना में क्यों लाया गया, तो बारणे ने साफ किया, “वे सभी मूल रूप से वंदनीय बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा के अनुसार काम कर रहे हैं। वे पूर्व में अपने पार्टी प्रमुख से मिल नहीं पा रहे थे और उनके निर्वाचन क्षेत्रों में विकास कार्य ठप थे, इसलिए वे वास्तविक शिवसेना में शामिल हुए हैं।”
