भ्रष्टाचार करो पर परसेंटेज कम रहे… जनरल मीटिंग में ये क्या बोल गए अंबरनाथ के डिप्टी मेयर सदाशिव पाटील?
Sadashiv Patil Controversy: अंबरनाथ नगर परिषद की जनरल मीटिंग में डिप्टी मेयर सदाशिव पाटील ने भ्रष्टाचार को लेकर बेहद विवादित बयान दिया है। उन्होंने खुलेआम मंच से कहा कि भ्रष्टाचार का परसेंटेज कम रहे।
- Written By: गोरक्ष पोफली
उपनगराध्यक्ष सदाशिव पाटील का बयान (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Ambarnath Deputy Mayor Sadashiv Patil Controversial Statement: अंबरनाथ नगर परिषद की एक जनरल मीटिंग में उस समय सन्नाटा पसर गया, जब एक जिम्मेदार पद पर बैठे जनप्रतिनिधि ने भ्रष्टाचार का ऐसा नया सिद्धांत पेश किया जिसे सुनकर लोकतंत्र शर्मसार हो जाए। अंबरनाथ नगर परिषद के डिप्टी मेयर और महायुति के नेता सदाशिव पाटिल ने भरी सभा में खुलेआम भ्रष्टाचार और चोरी का समर्थन कर दिया।
उनके इस बयान ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जनता के टैक्स के पैसों की सुरक्षा किसके हाथों में है।
चोरी और भ्रष्टाचार होना ही चाहिए, बस थोड़ा कम हो
शुक्रवार को आयोजित नगर परिषद की जनरल मीटिंग के दौरान जब कामकाज चल रहा था, तब एक सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते समय सदाशिव पाटिल का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। उन्होंने बेहद निर्लज्जता के साथ तर्क दिया कि भ्रष्टाचार और चोरी होनी ही चाहिए, लेकिन वह बहुत अधिक नहीं होनी चाहिए। भ्रष्टाचार होना चाहिए, लेकिन उसका परसेंटेज एकदम कम होना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने वहां मौजूद अन्य लोगों और पत्रकारों से भी प्रतिप्रश्न किया कि क्या आप मेरी बात से सहमत नहीं हैं? आपको भी बहुत सी बातें पता हैं।
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नगाध्यक्ष ने पकड़ लिया अपना सिर
जब सदाशिव पाटिल भ्रष्टाचार का यह महिमामंडन कर रहे थे, तो उनके बगल में ही नगर परिषद की मेयर तेजश्री करंजुले बैठी थीं। उन्होंने जब देखा कि पाटिल की जुबान बुरी तरह फिसल रही है और वह विषय से भटक रहे हैं, तो उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश की। उन्होंने पाटिल को चेतावनी भी दी कि शांत रहिए, आप क्या बोल रहे हैं? सामने पत्रकार बैठे हैं।
विडंबना देखिए कि मेयर तेजश्री करंजुले ने खुद ना खाऊंगी, ना खाने दूंगी के नारे और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़कर चुनाव जीता था। अपने ही सहयोगी द्वारा भ्रष्टाचार का खुला समर्थन होते देख वह इतनी हताश हो गईं कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने सिर पर हाथ रख लिया। हालांकि, बार-बार टोके जाने के बावजूद पाटिल नहीं रुके और पत्रकारों से पूछते रहे कि क्या वे कुछ गलत बोल रहे हैं।
“भ्रष्टाचार आणि चोरी काही प्रमाणात झालीच पाहिजे, फक्त टक्केवारी कमी असावी!” – अंबरनाथ नगरपालिकेचे उपनगराध्यक्ष सदाशिव पाटील.#Corruption #Maharashtra #Ambernath pic.twitter.com/cesUN4ZNNZ — Nimo Bhau (@NimoBhau) July 4, 2026
प्रशासन और सत्ता पर बड़े सवाल
इस घटना ने अंबरनाथ की राजनीति और प्रशासन में खलबली मचा दी है। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बयान सत्ताधारी दल की कार्यप्रणाली को दर्शाता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चोरी होनी ही चाहिए का यह मंत्र शायद गली से दिल्ली तक चल रहे शासन की हकीकत है। वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि क्या भ्रष्टाचार का खुला समर्थन करने के लिए पाटिल को सजा मिलेगी या उनका प्रमोशन कर दिया जाएगा?
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अंबरनाथ के नागरिकों में इस बयान को लेकर भारी आक्रोश है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अब भ्रष्टाचार राजनीतिक धर्म बन गया है? एक लोकसेवक, जिसका काम जनता के पैसों की रक्षा करना है, यदि वही चोरी को जायज ठहराने लगे, तो विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विश्वास कैसे किया जा सकता है? यह घटना भारतीय राजनीति के गिरते स्तर का एक जीवंत और शर्मनाक उदाहरण है।
