Navbharat Exclusive: मनपा चुनाव पर संतोष सिंह की बेबाक राय, बोले- मुंबई का विकास ईमानदार नेतृत्व से ही संभव
Maharashtra Local Body Election को लेकर उत्तरभारतीय संघ के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने विकास, मतदान की अहमियत और उत्तरभारतीय समाज की भूमिका पर खुलकर अपनी राय रखी।
- Written By: अपूर्वा नायक
संतोष आरएन सिंह (सौ. सोशल मीडिया )
Santosh RN Singh Navbharat Exclusive Interview: मुंबई समेत पूरे एमएमआर क्षेत्र में मनपा चुनाव को लेकर प्रचार जोरों पर है। राजनीतिक दलों की तरफ से एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है।
ऐसे समय में उत्तरभारतीय संघ के युवा व तेजतर्रार अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने मनपा चुनाव को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। प्रस्तुत है उसके महत्वपूर्ण अंशः
मुंबई में इस वक्त चुनावी माहौल है। आप इस चुनावी मौसम में क्या महसूस कर रहे हैं?
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मुंबई समेत एमएमआर रीजन में महानगर पालिका का चुनाव 15 जनवरी को होने जा रहा है। मुंबई के विकास, सुरक्षा, स्वच्छता और स्वास्थ्य अन्य सुविधाओं को लेकर यह चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे में प्रत्येक मतदाता को अपने मताधिकार का उपयोग करना चाहिए। लंबे समय से लोग मनपा चुनाव का इंतजार कर रहे थे।
आपके मुताबिक किस पार्टी को वोट करना चाहिए?
मैं, मुंबई की सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित संस्था उत्तरभारतीय संघ का अध्यक्ष हूं। यह एक सामाजिक संस्था है और एमएमआर रीजन में रहने वाले 50 लाख से अधिक उत्तरभारतीयों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए मैं सीधे तौर पर नहीं कह सकता हूं कि किस पार्टी को वोट देना चाहिए, लेकिन इतना जरूर अपील करता हूं कि जो पार्टी इमानदारी के साथ मुंबई का विकास करने में सक्षम है, उसे ही चुनना चाहिए, क्योंकि मुंबई अंतरराष्ट्रीय शहर और देश की आर्थिक राजधानी है।
मुंबई का विकास करने में मौजूदा सरकार कितना सफल रही है?
माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में राज्य सरकार चौतरफा विकास कर रही है। मुंबई समेत पूरे एमएमआर रीजन में मेट्रो रेल का जाल बिछाया जा रहा है। इसकी संकल्पना मुख्यमंत्री फडणवीस की है इसलिए देवा भाऊ को मेट्रो मैन भी कहा जाता है। हम सभी का सौभाग्य है कि महाराष्ट्र को फडणवीस जैसा तेजस्वी मुख्यमंत्री मिला है। इसके अलावा कोस्टल रोड, समृद्धि महामार्ग, बुलेट ट्रेन जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट मुंबई शहर को रफ़्तार प्रदान करेंगे। मैं व्यक्तिगत तौर पर राज्य सरकार के कामकाज से संतुष्ट हूं।
इस चुनाव में उत्तरभारतीयों की क्या भूमिका होगी ?
उत्तरभारतीय समाज का भी मुंबई मनपा में ज्यादा से ज्यादा प्रतिनिधित्व हो यह मेरी अपेक्षा है। मेरी राय में सुशिक्षित और स्वच्छ छवि वाले उम्मीदवार को चुनना चाहिए।
उत्तरभारतीय महापौर बनाने को लेकर विवाद पैदा हो गया है, इस पर आपका क्या विचार है?
जिस पार्टी को मुंबई मनपा में बहुमत मिलेगा वह पार्टी तय करेगी कि महापौर कौन बनेगा? इस मुद्दे पर विवाद नहीं होना चाहिए। जहां तक उत्तरभारतीय समाज की बात है, तो अधिकांश उत्तरभारतीय, पीढियों से एमएमआर क्षेत्र में रहते हैं। वे खुद को मुंबईकर समझते हैं और इस शहर से लगाव रखते हैं। इस शहर को बनाने में उत्तरभारतीय समाज के योगदान से कोई इंकार नहीं कर सकता। मराठी भाषियों ने भी उत्तरभारतीय समाज को हमेशा मान-सम्मान दिया है। कभी-कभी राजनीति बीच में आ जाती है पर आम आदमी बहुत समझदार है।
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उत्तरभारतीय संघ की भावी योजनाएं क्या हैं?
- उत्तरभारतीय संघ द्वारा संचालित विद्यालय और कॉलेज में दो हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। बांद्रा पूर्व स्थित उत्तरभारतीय संघ भवन में जरूरतमंदों को मात्र सौ रुपये के शुल्क पर विवाह के लिए मैरेज हाल उपलब्ध कराया जाता है।
- कैंसर पीड़ित मरीजों के परिजनों और तीर्थ यात्रियों के लिए रियायती दर पर बाबू आर एन सिंह अतिथि गृह उपलब्ध है। संघ प्रति वर्ष होली, महाराष्ट्र दिवस, रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस तथा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करते रहता है।
- इन कार्यक्रमों के माध्यम से गरीबों, जरूरतमंदों को आर्थिक आधार, रोजगार व सहायता करना मुख्य उद्देश्य है। संघ जल्द ही धर्मरक्षक माता अहिल्याबाई होलकर की जयंती के त्रिशताब्दी वर्ष के अवसर पर संघ महाअन्नदान योजना की शुरुआत करने जा रहा है। इसके लिए हाईटेक किचन और महा अन्नदान ग्रहण करने के लिए एक हॉल बनाया गया है।
- प्रतिदिन 200 से अधिक जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन कराया जाएगा। इस योजना के शुरू होने से संघ की समाजसेवा मुहिम में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा। संघ का एकमात्र मकसद समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना है। यह महाअन्नदान योजना इसी मकसद की एक कड़ी है।
