बड़ी खबर: मुंबई के BMC स्कूलों में मिड-डे मील पर संकट, LPG की कमी से बच्चों को नहीं मिल रहा खाना
BMC School Mid-Day Meal Crisis: मुंबई के बीएमसी स्कूलों में एलपीजी संकट के कारण मिड-डे मील बंद होने की खबर है। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
- Written By: अनिल सिंह
BMC School Mid-Day Meal Crisis (फोटो क्रेडिट-X)
Amin Patel LPG Shortage Claim Mumbai: महाराष्ट्र में गहराते एलपीजी संकट ने अब मासूम स्कूली बच्चों की थाली तक अपनी पहुंच बना ली है। कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया है कि मुंबई महानगरपालिका (BMC) के कई स्कूलों में मिड-डे मील (Mid-day Meal) की व्यवस्था ठप होने की कगार पर पहुंच गई है। गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत के चलते स्कूलों और केंद्रीय रसोईघरों (Central Kitchens) में दोपहर का भोजन पकाना लगभग असंभव हो गया है। यह स्थिति न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि हजारों गरीब बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है।
विधायक पटेल के अनुसार, उनके पास पुख्ता जानकारी है कि मुंबई के कई क्षेत्रों में स्कूलों को मिलने वाली गैस आपूर्ति बाधित हो गई है। सिलेंडर न होने के कारण कई स्कूलों में पिछले कुछ दिनों से भोजन नहीं बन पाया है और यह सेवा लगभग बंद होने के कगार पर है। सरकार एक ओर डिजिटल इंडिया और विकास की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिक राजधानी के सरकारी स्कूलों में बच्चे भूखे रहने को मजबूर हैं।
गरीब बच्चों के पोषण पर सीधा प्रहार
मिड-डे मील योजना उन हजारों बच्चों के लिए जीवनदायिनी है जो केवल इसी भोजन के भरोसे स्कूल आते हैं। अमीन पटेल ने सदन के बाहर कहा कि घरेलू रसोई में गैस की कमी तो एक समस्या है ही, लेकिन स्कूलों में भोजन का रुकना एक मानवीय संकट है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि आखिर क्यों आवश्यक सेवाओं की सूची में मिड-डे मील को प्राथमिकता नहीं दी गई? अगर बच्चों को समय पर भोजन नहीं मिला, तो उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और शारीरिक विकास पर इसका गहरा नकारात्मक असर पड़ेगा।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई में बारिश से पहले एक्शन में मेयर रितु तावड़े, नालों की सफाई में ढिलाई पर अधिकारियों को फटकार
Kandivali MNS Workers Assault: राज ठाकरे पर टिप्पणी करने वाले युवक की पिटाई, वीडियो वायरल
SCLR Phase-2 में बड़ी उपलब्धि: BKC-वाकोला आर्म पूरा, मुंबई को मिलेगा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
Sanpada Underpass Project: 440 पेड़ों पर असर, IIT मुंबई से मांगी वैकल्पिक योजना
ये भी पढ़ें- मुंबई: कड़ी धुप में औरतें, बुजुर्ग और बच्चे भी LPG के कतार में खड़े, अमीन पटेल बोले- खोखला है सरकार का दावा
गैस सिलेंडरों की किल्लत और सरकार की सुस्ती
मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर के लिए 25 दिनों का वेटिंग पीरियड चल रहा है। विधायक पटेल ने बताया कि जब आम आदमी को सिलेंडर नहीं मिल रहा, तो स्कूलों के ठेकेदार और मेस संचालक भी खाली हाथ बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने मिडिल ईस्ट के तनाव और अंतरराष्ट्रीय संकट का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया है। पटेल की मांग है कि सरकार तत्काल आपातकालीन कोटे से स्कूलों और आश्रम शालाओं को गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करे।
बीएमसी स्कूलों में सन्नाटा: क्या वैकल्पिक ईंधन है समाधान?
कांग्रेस विधायक ने यह भी चिंता जताई कि सरकार द्वारा वैकल्पिक ईंधन जैसे कोयला या केरोसिन के इस्तेमाल की सलाह देना व्यावहारिक नहीं है। स्कूलों में धुआं छोड़ने वाले ईंधन का उपयोग बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। बीएमसी के कई स्कूलों में जहां पहले से ही संसाधनों की कमी है, वहां गैस सप्लाई बंद होना पूरी व्यवस्था को चरमरा रहा है। अमीन पटेल ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटों के भीतर मिड-डे मील के लिए गैस की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करेगी।
