SCLR Phase-2 में बड़ी उपलब्धि: BKC-वाकोला आर्म पूरा, मुंबई को मिलेगा सिग्नल-फ्री कॉरिडोर
मुंबई में SCLR Phase-2 के तहत BKC-वाकोला आर्म का अंतिम कार्य पूरा हो गया है। लगभग 11 किमी लंबा यह सिग्नल-फ्री कॉरिडोर पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: अपूर्वा नायक
मुंबई SCLR फेज़ 2 प्रोजेक्ट अपडेट (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai SCLR Phase 2 BKC Signal Free Corridor: देश की आर्थिक राजधानी में आवागमन को सुगम बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट पर तेजी से काम हो रहा है।
मुंबई की सबसे महत्वपूर्ण पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड (SCLR) चरण-2 को पूरा करने की दिशा में मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सांताक्रूज़- चेंबूर लिंक रोड कॉरिडोर पूर्ण होने के करीब है,जबकि बीकेसी-वाकोला आर्म का अंतिम कार्य पूर्ण हो गया है।
10.88 किमी पूर्व-पश्चिम को जोड़ेगा एससीएलआर
10.88 किमी पूर्व-पश्चिम को जोड़ेगा एससीएलआर मोबिलिटी नेटवर्क काफी राहत वाला होगा। वाकोला नाले पुल के ऊपर स्तर 1 और 2 पर 54 मीटर लंबे ट्विन कॉम्पोजिट गर्डर्स के सफल लॉन्च के साथ भारत डायमंड बोर्स (BKC) और वाकोला के बीच का अंतिम महत्वपूर्ण लिंक संरचनात्मक रूप से पूर्ण हो गया है।
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यह खंड भले ही छोटा हो, लेकिन यह विभिन्न उन्नत आर्म्स, पुलों और कनेक्टर्स को एकीकृत करने में निर्णायक भूमिका निभाता है। इस खंड का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा। जो शहरी क्षेत्र वाकोला नाला पुल के ऊपर किया गया, जहां पारंपरिक सपोर्ट सिस्टम का उपयोग संभव नहीं था।
लॉन्च किए गए स्पैन
- लंबाई: 54.0 मीटर
- डेक चौड़ाई: 8.5 मीटर
- अनुमानित वजन: 358 मेट्रिक टन
- गर्डर व्यवस्था: तीन अनुदैर्ध्य गर्डर्स
- गर्डर की गहराई: प्रत्येक 3.130 मीटर
- इन गर्डर्स को फुल-स्पैन लॉन्चिंग तकनीक के माध्यम से स्थापित किया गया। इसके लिए 700 मेट्रिक टन और 500 मेट्रिक टन क्षमता वाले हैवी-ड्यूटी क्रेनों का उपयोग किया गया।
होगा सिग्नल फ्री मार्ग
अलग-अलग चरणों में कॉरिडोर विकसित किया गया था,वह अब लगभग 11 किमी लंबा एक निर्बाध, सिग्नल-फ्री पूर्व-पश्चिम को जोड़ने वाला कॉरिडोर बन गया है। यह ईस्टर्न वे को वेस्टर्न वे से जोड़ेगा। इसके साथ बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, सांताक्रूज़, वाकोला, कलीना, कुर्ला और चेंबूर जुड़ जाएंगे।
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बीकेसी-वाकोला आर्म
- इसकी कुल लंबाई: लगभग 1.4 किमी और 500 मीटर 4-लेन उन्नत कैरिजवे है।900 मीटर 2-लेन कनेक्टिंग आर्म्स की वजह से नेटवर्क से पूर्व-पश्चिम कनेक्टिविटी मजबूत होगी। एससीएलआर चरण -2 के अंतर्गत सभी आर्म्स और कनेक्टर्स के पूर्ण होने के बाद,10.88 किमी का यह कॉरिडोर मुंबई के रोड इंफ्रा को अधिक गति देगा।
- इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस अंतिम आर्म के पूर्ण होने के साथ, सांताक्रूज़-चेंबूर लिंक रोड लगभग 11 किलोमीटर लंबा एक पूर्णतः एकीकृत पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर बन जाता है। यह मुंबई में यातायात की भीड़ कम करने और तेज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- उपमुख्यमंत्री एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि यह कॉरिडोर दैनिक यात्रियों के लिए जीवनरेखा साबित होगा, जो शहर के प्रमुख आवासीय और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ता है। विभिन्न आर्म्स का एक निर्बाध नेटवर्क में एकीकरण यातायात दबाव को काफी हद तक कम करेगा और यात्रा अनुभव को बेहतर बनाएगा।
- एमएमआरडीए आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी के अनुसार यह उपलब्धि केवल एक स्पैन के पूरा होने की नहीं, बल्कि पूरे मोबिलिटी नेटवर्क के पूर्ण होने की है। बीकेसी-वाकोला आर्म विभिन्न उन्नत कॉरिडोर्स को जोड़ने और उनकी क्षमता को पूरी तरह उपयोग में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके साथ, एससीएलआर एक सतत, उच्च-क्षमता वाला पूर्व-पश्चिम कनेक्टर बन जाएगा, जो मुंबई में यात्रा को उल्लेखनीय रूप से बेहतर बनाएगा।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए सूर्यप्रकाश मिश्र की रिपोर्ट
