सीएम फडणवीस (pic credit; social media)
Maharashtra News: महाराष्ट्र प्रशासन को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और जनकेंद्रित बनाने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने 7 मई से 2 अक्टूबर 2025 तक 150 दिवसीय ‘ई-गवर्नेंस सुधार अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान की अंतरिम प्रगति समीक्षा शुक्रवार, 29 अगस्त को की गई।
समीक्षा में विभिन्न विभागों, पुलिस आयुक्तालयों और जिलों के कामकाज का आकलन कई मानकों पर किया गया। इनमें आपले सरकार पोर्टल का इस्तेमाल, ई-ऑफिस प्रणाली, वेबसाइट और डैशबोर्ड का प्रबंधन, व्हाट्सएप चैटबॉट का उपयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्लॉकचेन तकनीक के साथ जीआईएस (GIS) सिस्टम का प्रभावी क्रियान्वयन जैसे पैरामीटर शामिल थे।
इस मूल्यांकन में मीरा-भाईंदर-वसई विरार (MBVV) पुलिस आयुक्तालय ने राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों में पहला स्थान प्राप्त किया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आयुक्त निकेत कौशिक और उनकी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने उन्हें प्रशंसा पत्र भी प्रदान किया और कहा कि यह उपलब्धि पारदर्शिता और नागरिक सेवाओं को तकनीक से जोड़ने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
इसे भी पढ़ें- विरार हादसे के बाद सरकार का बड़ा फैसला, सरनाईक बोले- SRA योजना लागू, पीड़ितों को मिलेगा आश्रय
मुख्यमंत्री फडणवीस ने उम्मीद जताई कि MBVV पुलिस आयुक्तालय भविष्य में भी ई-गवर्नेंस सुधार अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करेगा और नागरिकों को तेज, सुलभ और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराता रहेगा।
अभियान का अंतिम मूल्यांकन और परिणाम 2 अक्टूबर 2025 को घोषित किया जाएगा। इस दौरान राज्यभर में जिन विभागों और जिलों ने उत्कृष्ट कार्य किया होगा, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
MBVV पुलिस आयुक्तालय के लिए यह उपलब्धि गर्व का विषय है क्योंकि यह न सिर्फ तकनीकी उपयोग की दक्षता को दर्शाता है, बल्कि नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने में पारदर्शिता और विश्वास को भी मजबूत करता है।