मंत्रालय का पानी है सुरक्षित, BMC की जांच में पानी पीने योग्य, जलापूर्ति पर उठे सवालों के बाद लिए गए एक्शन
Mantralaya Water Supply Safe: मंत्रालय की जलापूर्ति बीएमसी जांच में सुरक्षित और पीने योग्य पाई गई। सभी पानी की टंकियों की सफाई, वॉटर प्यूरीफायर सर्विसिंग पूरी, विशेषज्ञ समिति की जांच जारी।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
मंत्रालय पानी जांच (सोर्स: AI)
Mantralaya Water Supply Safe BMC Report: महाराष्ट्र में प्रशासनिक सेवा के प्रमुख केंद्र मंत्रालय की जलापूर्ति को लेकर मीडिया में प्रकाशित खबरों के बाद सार्वजनिक निर्माण विभाग ने तत्काल आवश्यक उपाय किए हैं और बृहन्मुंबई महानगरपालिका की प्रयोगशाला की रिपोर्ट में मंत्रालय की जलापूर्ति सुरक्षित पाई गई है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 8 जुलै 2026 को मंत्रालय की भूमिगत एक पानी की टंकी तथा मुख्य व विस्तार भवन की कुल 30 टंकियों की पूरी सफाई करवाई। आगे से हर 15 दिनों में सभी टंकियों की सफाई नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए हैं और इस पर कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
जांच पीने योग्य पाया गया
महानगरपालिका की प्रयोगशाला द्वारा मंत्रालय में उपलब्ध पेयजल के नमूनों की विस्तृत जांच की गई। 29 अप्रैल 2026 और 10 जुलाई 2026 को जारी जांच रिपोर्ट में पानी पूरी तरह पीने योग्य पाया गया। जांच के दौरान मंत्रालय में आने वाली मुख्य जलापूर्ति लाइन के साथ-साथ भूमिगत आरसीसी जल टंकी में संग्रहित पानी के नमूनों का भी परीक्षण किया गया।
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10 जुलाई की रिपोर्ट ने पुष्टि की कि जल गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप है और किसी प्रकार का स्वास्थ्य संबंधी खतरा नहीं है। इसके अलावा मंत्रालय के मुख्य भवन और विस्तार भवन में स्थापित कुल 33 जल शुद्धिकरण यंत्रों (वॉटर प्यूरीफायर) की सर्विसिंग और तकनीकी जांच भी पूरी कर ली गई है।
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने बताया कि सभी शुद्धिकरण प्रणालियां सुचारु रूप से कार्य कर रही हैं। विभाग ने भविष्य में भी नियमित जल परीक्षण, टंकियों की सफाई और वॉटर प्यूरीफायर की समय-समय पर सर्विसिंग जारी रखने का निर्णय लिया है, ताकि मंत्रालय में आने वाले कर्मचारियों और नागरिकों को सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होता रहे।
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विशेषज्ञ समिति की स्वतंत्र जांच
शिकायतों के बाद 11 जुलै 2026 को मुख्य सचिव के निर्देश पर महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों और सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई। समिति ने 13 जुलै को भूमिगत टंकी, टेरेस की टंकियों तथा भवन की हर मंजिल से लगातार तीन दिन नमूने एकत्र किए, जिसकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि भवन के 88 प्रसाधनगृहों की सफाई भी नियुक्त ठेकेदार द्वारा तय समय पर नियमित रूप से की जा रही है।
