

Mansukh Mandaviya Labour Minister Statement: केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर प्रभावी तरीके से काम करना होगा।
मुंबई में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय परिषद में उन्होंने विभिन्न राज्यों की सफल योजनाओं और उनके बेहतर क्रियान्वयन पर चर्चा की।
डॉ. मांडविया ने कहा कि कुशल और अर्धकुशल भारतीय कामगारों की विदेशों में मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में केवल तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण पर्याप्त नहीं है।
कामगारों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी दिया जाना चाहिए, ताकि वे दूसरे देशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का बेहतर तरीके से लाभ उठा सकें।
केंद्रीय मंत्री ने जापान और जर्मनी जैसे देशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका लाभ भारतीय कामगारों तक पहुंचाने के लिए केंद्र और राज्यों को प्रभावी व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। कौशल विकास और भाषा प्रशिक्षण को रोजगार से जोड़कर युवाओं और कामगारों के लिए विदेशों में नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
मांडविया ने श्रमिक कल्याण मंडलों के पास उपलब्ध धन का प्रभावी इस्तेमाल करने की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग कामगारों को सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और अन्य कल्याणकारी लाभ उपलब्ध कराने में किया जाना चाहिए। इससे जरूरतमंद श्रमिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सकेगा।
इस मौके पर महाराष्ट्र के श्रम मंत्री आकाश फुंडकर ने कहा कि कामगारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाने के लिए योजनाओं की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि पात्र कामगारों को बिना अनावश्यक परेशानी के कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
राष्ट्रीय परिषद में कामगारों के सामाजिक सुरक्षा कवच और रोजगार के नए अवसरों को लेकर राज्यों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।