नागपुर में लगेगा देश का सबसे बड़ा आयुर्वेद मेला, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री का बड़ा ऐलान

National Ayurveda Day: नागपुर में 23 सितंबर को 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का मुख्य समारोह आयोजित होगा। 'स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद' थीम पर आधारित इस अभियान में युवाओं और वेलनेस पर विशेष जोर रहेगा।
Nagpur Ayush Awareness Campaign
आयुर्वेद दिवस का मुख्य समारोह प्रतीकात्मक तस्वीर, सोर्स: AI
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Nagpur Ayush Awareness Campaign: महाराष्ट्र के नागपुर में 11वें आयुर्वेद दिवस का मुख्य समारोह 23 सितंबर को आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम ‘स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद’ रखी गई है। इसके जरिए आयुर्वेद की पारंपरिक ज्ञान परंपरा को भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने सोमवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित कर्टेन रेजर प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद दिवस के अवसर पर देशभर में जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान में खास तौर पर युवाओं को जोड़ने और आयुर्वेद के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा।

बीमारी के इलाज से आगे स्वस्थ जीवन पर जोर

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि दुनिया अब केवल बीमारियों के उपचार तक सीमित स्वास्थ्य व्यवस्था की बजाय रोगों की रोकथाम, बेहतर पोषण, स्वस्थ जीवनशैली, वेलनेस और समग्र स्वास्थ्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। इन क्षेत्रों में भारत के पास आयुर्वेद के रूप में सदियों से विकसित ज्ञान और अनुभव मौजूद है।

उन्होंने कहा कि आयुर्वेद दिवस केवल भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति का उत्सव नहीं है। यह भविष्य में सामने आने वाली स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान तलाशने और आयुर्वेद की भूमिका को नए संदर्भ में सामने रखने का अवसर भी है।

परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप स्वास्थ्य व्यवस्था को बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं रखा जा सकता। स्वस्थ दिनचर्या, संतुलित आहार, मानसिक संतुलन और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली को भी स्वास्थ्य नीति का हिस्सा बनाना जरूरी है।

तीन प्रमुख विषयों पर चलेगा अभियान

इस वर्ष आयुर्वेद दिवस का राष्ट्रव्यापी अभियान तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। पहला विषय बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए समेकित स्वास्थ्य सेवा है। इसके तहत विभिन्न स्वास्थ्य पद्धतियों के समन्वय और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

दूसरा प्रमुख विषय आयुर्वेद में शोध, साक्ष्य और नवाचार तथा सामुदायिक कल्याण है। इसके माध्यम से आयुर्वेद से जुड़े शोध को बढ़ावा देने, वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत करने और नए नवाचारों को प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

तीसरा विषय सतत जीवनशैली के लिए आयुर्वेद रखा गया है। इसका उद्देश्य ऐसी जीवनशैली को बढ़ावा देना है, जो व्यक्तिगत स्वास्थ्य के साथ पर्यावरण और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने में भी सहायक हो।

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युवाओं तक आयुर्वेद पहुंचाने की तैयारी

केंद्र सरकार इस बार आयुर्वेद दिवस के जनजागरूकता अभियान में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके जरिए आयुर्वेद को केवल पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के रूप में नहीं, बल्कि आधुनिक समय की जीवनशैली, पोषण, वेलनेस और निवारक स्वास्थ्य देखभाल से जोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश की जाएगी।

23 सितंबर को नागपुर में होने वाला मुख्य समारोह इसी व्यापक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। इसके माध्यम से आयुर्वेद की पारंपरिक विरासत और भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों के बीच संबंध को रेखांकित किया जाएगा।

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