संजय निरुपम (सोर्स: सोशल मीडिया)
Sanjay Nirupam On Mani Shankar Aiyar statement: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर के हालिया बयान ने देश की सियासत में भूचाल ला दिया है। अय्यर ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह ‘नेहरूवादी और राजीववादी’ तो हैं, लेकिन ‘राहुलवादी’ नहीं। इस बयान के बाद शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और राहुल गांधी की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है।
संजय निरुपम ने कहा कि मणिशंकर अय्यर जैसे अनुभवी नेता को पिछले कुछ वर्षों में पार्टी के भीतर भारी उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है। निरुपम ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के इशारे पर उनके जूनियर नेता ऊंचे पदों पर बैठकर वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अय्यर की नाराजगी का मुख्य कारण यही है कि संगठन में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
शिवसेना नेता संजय निरुपम ने कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की कार्यक्षमता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि वेणुगोपाल कांग्रेस को मजबूत कर रहे हैं या अनजाने में विपक्षी दलों की मदद कर रहे हैं? निरुपम के अनुसार, केरल जैसे राज्यों में अय्यर के कार्यक्रमों का विरोध करना यह दर्शाता है कि पार्टी के भीतर लोकतंत्र खत्म हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अय्यर एक भारतीय नागरिक हैं और उन्हें देश के किसी भी हिस्से में जाने से कोई राजनीतिक दल नहीं रोक सकता।
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संजय निरुपम ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि दिल्ली में कांग्रेस का वर्तमान ढांचा पूरी तरह दोषपूर्ण है। यहां टैलेंट और जमीन से जुड़े नेताओं को सम्मान नहीं मिल रहा, यही वजह है कि कभी गांधी परिवार के कट्टर समर्थक रहे नेता भी आज पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने जल्द ही आत्ममंथन नहीं किया, तो यह उसके लिए आत्मघाती कदम साबित होगा।
राजनीतिक हमले के बीच संजय निरुपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुंबई में हुई मुलाकात पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मुंबई का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर केंद्र बनना गौरव की बात है। एक वैश्विक महाशक्ति के प्रमुख के साथ संवाद के लिए मुंबई को चुनना शहर की बढ़ती अहमियत को दर्शाता है।