'यहां से शुरु हुआ था...', संजय राउत पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर संजय निरूपम का पलटवार, शेयर किया पुराना Video

Sanjay Nirupam Viral Video: शिवसेना नेता संजय निरुपम का संजय राउत के खिलाफ अपशब्दों वाला एक पुराना वीडियो वायरल होने से महाराष्ट्र में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। निरुपम ने अब इस पर अपनी सफाई पेश की है।
Sanjay Nirupam vs Sanjay Raut Viral Video
संजय निरुपम व संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Sanjay Nirupam vs Sanjay Raut: महाराष्ट्र की राजनीति में जुबानी जंग कोई नई बात नहीं है, लेकिन संजय निरुपम का एक पुराना वीडियो दोबारा सामने आने से विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस क्लिप में निरुपम, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के खिलाफ बेहद आक्रामक और आपत्तिजनक भाषा का उपयोग करते दिख रहे हैं।

हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर संजय निरुपम का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस क्लिप में निरुपम मीडिया कर्मियों से बात करते हुए संजय राउत के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट है कि यह वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है, लेकिन चुनावी माहौल और बदलते समीकरणों के बीच इसके दोबारा वायरल होने से विपक्षी गुटों में तीखी बहस छिड़ गई है। नेटिजन्स इस वीडियो के दोबारा सामने आने के समय पर भी सवाल उठा रहे हैं।

संजय निरुपम ने जारी किया राउत का वीडियो

जैसे ही यह विवाद बढ़ा, संजय निरुपम ने चुप्पी तोड़ते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने इस पूरे विवाद के लिए सीधे तौर पर संजय राउत को जिम्मेदार ठहराया। निरुपम ने तर्क दिया कि उनकी प्रतिक्रिया अकारण नहीं थी। उन्होंने राउत का एक पुराना वीडियो साझा करते हुए लिखा कि विवाद की शुरुआत तब हुई जब राउत ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके समर्थकों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया था। निरुपम के अनुसार, उनकी टिप्पणी केवल एक जवाबी प्रतिक्रिया थी।

बालासाहेब की विचारधारा और पार्टियों के पतन का आरोप

वायरल क्लिप में निरुपम केवल अपशब्दों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने रणनीतिक रूप से राउत पर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि संजय राउत ने शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के गठबंधन को गर्त में धकेलने का काम किया है।

निरुपम ने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा कि "राउत एक ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने न केवल राजनीतिक दलों को बर्बाद किया, बल्कि बालासाहेब ठाकरे की मूल विचारधारा के साथ भी विश्वासघात किया है।" उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि जो लोग खुद को बालासाहेब का असली उत्तराधिकारी बताते हैं, उन्होंने हिंदुत्व के एजेंडे को पूरी तरह छोड़ दिया है।

सोच-समझकर किया शब्दों का चुनाव

जब पत्रकारों ने उनसे एक ही अपमानजनक शब्द को बार-बार दोहराने पर सवाल किया, तो संजय निरुपम अपने रुख पर कायम रहे। उन्होंने मराठी और हिंदी दोनों भाषाओं में राउत को 'मूर्ख' और 'अज्ञानी' बताते हुए कहा कि उन्होंने इन शब्दों का प्रयोग पूरी चेतना में और जानबूझकर किया है। उनके अनुसार, जिस तरह की राजनीति राउत करते हैं, वे इसी तरह के संबोधन के पात्र हैं।

संजय राउत की ओर से फिलहाल इस पुराने वीडियो पर कोई नई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महाराष्ट्र में नेताओं के बीच की कड़वाहट कम होने का नाम नहीं ले रही है। पुराने वीडियो का दोबारा चर्चा में आना यह दर्शाता है कि आगामी चुनावों में 'परसेप्शन की लड़ाई' (Battle of Perception) और भी उग्र होने वाली है।

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