BMC की मुहिम रंग लाई: अगस्त-सितंबर में मानसूनी बीमारियों में कमी
Mumbai में मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मानसूनी बीमारियों में गिरावट देखने के लिए मिली है। इसके साथ ही पानी से होने वाली बीमारियों में भी कमी आयी है। BMC के द्वारा सफाई अभियान चलाया जा रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
मलेरिया (सौ. सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: मुंबई महानगर मलेरिया और चिकनगुनिया सहित मानसूनी बीमारियों में कमी आई है। हालांकि डेंगू के मामलों में मामूली वृद्धि देखी गई है। जल जनित बीमारियों में कमी आने से बीएमसी प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बीएमसी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त और सितंबर 2025 के बीच मलेरिया और चिकनगुनिया के मामलों में कमी आई है। अगस्त में मलेरिया के मामले 1,553 से घटकर सितंबर महीने में 1,411 पर आ गए हैं। इसी अवधि में चिकनगुनिया के मामले भी 220 से घटकर 139 हो गए। डेंगू के मामलों में मामूली वृद्धि देखी गई है, जो 1,159 से बढ़कर 1,384 हो गए। लेकिन पिछले साल के आंकड़ों से कम हैं।
BMC ने चलाया घर-घर सर्वेक्षण अभियान
गैस्ट्रो के मामले 592 से घटकर 442 और हेपेटाइटिस के मामले 197 से घटकर 176 हो गए, कोरोना के अगस्त में 17 और सितंबर में 8 मामले सामने आए थे। मानसूनी बीमारियों से निपटने के लिए बीएमसी की ओर से घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा हैं। मनपा अस्पतालों और प्रसूति गृहों में भी सफाई अभियान चलाए जा रहे हैं।
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10 लाख से ज्यादा घरों का हुआ सर्वे
सितंबर महीने में 10.3 लाख से अधिक घरों का सर्वे किया गया और 49.5 लाख लोगों के बुखार की जांच की गई। लगभग 1।86 लाख रक्त के नमूने एकत्र किए गए। मलेरिया मच्छर के 57,500 और डेंगू मच्छर के 23,700 से अधिक प्रजनन स्थल चिन्हित कर उन्हें नष्ट किए गए। करीब 42,339 इमारतों व 6.68 लाख झोपड़ियों में कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग की गई है।
