मालाड डीमार्ट (सौ. सोशल मीडिया )
Malad DMart Barcode Fraud: मुंबई के मालाड पश्चिम स्थित डी-मार्ट सुपरमार्केट में धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक शातिर व्यक्ति ने बारकोड से छेड़छाड़ कर स्टोर को हजारों रुपये का नुकसान पहुंचाया।
आरोपी करीब सात महीनों तक इसी तरीके से चीनी की बोरियां खरीदता रहा और हर बार 20 किलोग्राम चीनी बिना भुगतान के लेकर निकल जाता था। मामले का खुलासा तब हुआ जब स्टोर के अर्धवार्षिक ऑडिट के दौरान चीनी के स्टॉक और बिक्री के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया।
इस संबंध में स्टोर मैनेजर सुनील विश्वनाथ शिंदे ने बांगुरनगर पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। शिकायत के अनुसार 26 जनवरी को स्टोर का नियमित ऑडिट कंपनी के अधिकृत ऑडिटर विलास शिरसाट और अभिषेक दुबे द्वारा किया जा रहा था। ऑडिट के दौरान पाया गया कि चीनी की बिक्री और स्टॉक में भारी अंतर है।
इसके बाद मामले की जांच के लिए स्टोर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। सीसीटीवी फुटेज में करीब 45 वर्षीय एक व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियां करते हुए दिखाई दिया, जो पिछले कई महीनों से नियमित रूप से स्टोर में आ रहा था।
जांच में पता चला कि स्टोर में बेची जाने वाली 50 किलोग्राम चीनी की बोरी पर बिलिंग और सुरक्षा के लिए दो अलग-अलग बारकोड लगाए जाते हैं। एक 30 किलोग्राम और दूसरा 20 किलोग्राम का आरोपी बड़ी चालाकी से बोरी पर लगे 20 किलोग्राम वाले बारकोड को निकाल देता था। इसके बाद वह बोरी को बिलिंग काउंटर पर ले जाकर केवल 30 किलोग्राम का भुगतान करता और बाकी 20 किलोग्राम चीनी मुफ्त में लेकर निकल जाता था।
पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार यह सिलसिला 1 जुलाई 2025 से 26 जनवरी 2026 तक चलता रहा। इस दौरान आरोपी ने कुल 43 बार इसी तरीके से ठगी की। जांच में सामने आया कि उसने कुल 43 बोरियां खरीदीं, जिनकी वास्तविक कीमत 92,450 रुपये थी, लेकिन उसने केवल 55,470 रुपये का ही भुगतान किया इस तरह आरोपी ने 860 किलोग्राम चीनी अतिरिक्त हासिल कर ली, जिससे डी-मार्ट को करीब 36,980 रुपये का नुकसान हुआ।
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बांगुरनगर पुलिस अब आसपास के अन्य स्टोर और मॉल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी ने इसी तरह की ठगी कहीं और भी तो नहीं की है।