मुंबई मे मलाबार ग्रुप की ‘Hunger Free World’ पहल, दैनिक भोजन वितरण अभियान ने बदली हजारों जिंदगियाँ
Malabar Group's Hunger Free World पहल ने दैनिक भोजन वितरण से भारत के 20 राज्यों व विदेशों में हजारों बेघरों को भोजन, चिकित्सा, आश्रय और बिछड़े परिवारों से मिलाकर नई जिंदगी दी है।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आलोक उमाकृष्ण
अभियान के तहत गरीबों मे खाना बांटते हुए (सोर्सः फाइल फोटो)
Malabar Group Hunger Free World Initiative: एक समय का भोजन किस तरह पूरा जीवन बदल सकता है, मलाबार ग्रुप की ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ पहल ने अपने भोजन वितरण अभियान के माध्यम से परिवर्तनकारी प्रभाव लाया है। विश्व भूख दिवस निमित्त मलाबार ग्रुप की मानवीय पहल ‘हंगर फ्री वर्ल्ड’ ने अपने स्ट्रीट मील डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम के प्रभाव को “रीहैबिलिटेशन इम्पैक्ट रिपोर्ट मे इम्पैक्ट स्टोरी है, एक दैनिक भोजन कैसे बदलता है जीवन” नामक रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि थनल संस्था द्वारा जमीनी स्तर पर संचालित दैनिक भोजन वितरण अभियान ने सड़कों पर रहने वाले कमजोर और असुरक्षित लोगों को बचाव, चिकित्सा सहायता, आश्रय, सम्मान की पुनर्स्थापना और परिवार से पुनर्मिलन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने में कैसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
क्या है,स्ट्रीट मील डिस्ट्रीब्यूशन
स्ट्रीट मील डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम की शुरुआत पौष्टिक भोजन की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित कर भूख की समस्या का समाधान करने के उद्देश्य से की गई थी। समय के साथ यह पहल केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि गहन देखभाल और सहायता का माध्यम बन गई। नियमित संपर्क के कारण क्षेत्रीय कार्यकर्ता लाभार्थियों के साथ विश्वास का संबंध बना पाए, जिससे वे उन लोगों की पहचान कर सके जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल या सामाजिक पुनर्वास की जरूरत थी।
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रिपोर्ट में कई प्रेरणादायक कहानियां साझा की गई हैं। वर्षों से परिवार से बिछड़े कई बेघर व्यक्तियों ने दैनिक भोजन के दौरान बने भरोसे के जरिए अपने परिजनों से फिर संपर्क साधा। नशे की लत से जूझ रहे कुछ लाभार्थियों ने पुनर्वास केंद्रों में दाखिला लिया, जबकि अन्य को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा गया। कई लोगों को पहली बार पहचान पत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ भी इसी माध्यम से मिला।
20 राज्यों सहित विदेशों में अभियान
यह कार्यक्रम वर्तमान में भारत के 20 राज्यों तथा 6 GCC देशों, अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और ज़ाम्बिया में संचालित हो रहा है। माइक्रो लर्निंग सेंटर और स्ट्रीट मील डिस्ट्रीब्यूशन प्रोग्राम जैसी दो प्रमुख पहलों के माध्यम से अब तक 1,43,000 लाभार्थियों तक पहुँच बनाई जा चुकी है। इस पहल के बारे में मलाबार ग्रुप के अध्यक्ष एम. पी. अहमद ने कहा, “एक समय का भोजन साधारण लग सकता है, लेकिन जब उसे निरंतरता और मानवीय संवेदनशीलता के साथ दिया जाता है, तो वह केवल भोजन नहीं रह जाता। भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि गरिमा और उम्मीद की वापसी का पहला कदम है। संस्था ने इस पहल को और शहरों तक विस्तार देने की योजना बनाई है, ताकि हजारों और जरूरतमंद लोग इसका लाभ ले सकें।
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बदली कई जिंदगी
नागरकोइल में बस स्टैंड के पास भोजन प्राप्त करने वाले एक वृद्ध व्यक्ति ने भोजन वितरण वाहन चालक के सामने सुरक्षित जीवन जीने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद उन्हें एक केयर होम में भर्ती कराया गया। कुंभकोणम में कई महीनों तक नियमित भोजन सहायता मिलने से बिस्तर पर पड़े एक व्यक्ति की गरिमा को स्वच्छता सेवाओं, साफ कपड़ों और पुनर्वास सहायता के माध्यम से बहाल किया गया। चेन्नई में दिन में दो बार होने वाले भोजन वितरण अभियान ने संकटग्रस्त जीवन जी रही एक महिला को धीरे-धीरे सहायता स्वीकार करने और बाद में एक केयर सेंटर में स्थानांतरित होने में मदद की।
इस कार्यक्रम ने उडुपी से चेन्नई तक एक भावनात्मक पारिवारिक पुनर्मिलन भी संभव बनाया। नियमित भोजन वितरण के दौरान हुई बातचीत से टीम एक व्यक्ति की पहचान कर सकी और उसे उसकी पत्नी तथा बच्चों से दोबारा मिलाने में सफल रही। तिरुचिरापल्ली में नियमित भोजन वितरण अभियान के दौरान एक शारीरिक रूप से दिव्यांग वरिष्ठ नागरिक की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति पर ध्यान दिया गया।
इसके बाद उन्हें चिकित्सा सहायता, शल्य चिकित्सा के बाद पोषण संबंधी देखभाल और आश्रय उपलब्ध कराया गया। ये अनुभव दर्शाते हैं कि निरंतरता और करुणा के साथ दिया गया एक भोजन देखभाल, सम्मान और अधिक सुरक्षित जीवन का माध्यम बन सकता है।
हंगर फ्री वर्ल्ड बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाता है, जो केवल तत्काल भूख मिटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पोषण, पुनर्वास, स्वास्थ्य सहायता, आश्रय, सम्मान की पुनर्स्थापना और परिवार से पुनः जुड़ाव के माध्यम से कमजोर व्यक्तियों को समग्र सहयोग प्रदान करता है। मलाबार ग्रुप अपने शुद्ध व्यापारिक लाभ का 5 प्रतिशत सामाजिक उत्तरदायित्व के इन पहलों के लिए समर्पित करता है। इसके माध्यम से भूख उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आवास, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक कार्यक्रमों को सहयोग दिया जाता है।
