

Maharashtra Monsoon Low Rainfall Alert: कभी सूखा तो कभी बाढ़ का दंश झेल रहे महाराष्ट्र के किसानों के लिए अच्छी खबर नहीं है। राज्य सहित देश की अर्थव्यवस्था अच्छे मानसून पर निर्भर है,परन्तु यदि प्रकृति करवट बदलती है तो उसका गंभीर असर होता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) की तरफ से कुछ ऐसा ही संकेत मिल रहा है।
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने महाराष्ट्र में दस्तक दे दी है, जो राज्य के सामान्य समय के बिल्कुल अनुरूप है। केरल में 4 जून को देर से पहुंचने के बावजूद मानसून ने तेजी से पश्चिम तट पर आगे बढ़ते हुए गोवा होते हुए महाराष्ट्र में प्रवेश किया। लेकिन राज्य में 15 जून तक बारिश कमजोर ही रहेगी। IMD ने अनुमान जताया है कि मानसून अगले कुछ दिनों में राज्य के और हिस्सों को कवर करेगा। कोकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में 9 जून तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लेकिन किसानों के लिए चिंता की खबर यह है कि IMD के ताजा पूर्वानुमान में जून से सितंबर तक महाराष्ट्र सहित पूरे देश में बारिश सामान्य से 10% से 15 % कम रहने की संभावना है। पूरे मानसून सीजन में 90% लॉन्ग पीरियड एवरेज बारिश का अनुमान है। 84% संभावना है कि यह सामान्य से कम रहेगी। महाराष्ट्र के मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के बड़े हिस्सों में जून का महीना भी कमजोर रहने का संकेत है।
IMD ने इसका कारण प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अलनीनो स्थिति को बताया है, जो मानसून को कमजोर करती है। इसी वजह से राज्य सरकार ने किसानों से 15 जून से पहले बुवाई न करने की अपील की है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी एक संदेश जारी कर कहा है कि किसान बुआई के लिए जल्दबाजी न करें। राज्य में मानसून की धीमी रफ्तार को देखते हुए 15 जून तक राज्य में सर्वत्र संतोषजनक बारिश की संभावना काफी कम है। विदर्भ, मराठवाड़ा, खानदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में दोपहर बादल और गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है, लेकिन यह बारिश खेती के लिए बुवाई लायक नहीं होगी।
कमजोर बारिश की संभावना के साथ तापमान भी परेशान कर रहा है। इसके चलते बिजली की मांग काफी बढ़ गई है। 12 जून तक राज्य में अधिकतम तापमान ऊंचा बना रहेगा। विदर्भ और खानदेश में पारा 40°C से ऊपर ही रहेगा, जबकि मराठवाड़ा में 38 से 40°C के बीच रहने का अनुमान है। कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग ने भी किसानों और नागरिकों से अपील की है कि तूफानी बारिश के भरोसे बुआई में जल्दबाजी न करें। बारिश का पैटर्न खेती के लिए बुवाई लायक नहीं है।
मिट्टी में नमी का स्तर अभी फसल लगाने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा। इसी वजह से राज्य के कृषि और आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों से अपील की है कि तूफानी बारिश के भरोसे बुआई में जल्दबाजी न करें। जल्द बुवाई करने पर बीज खराब होने और दोबारा लागत आने का खतरा है। हालांकि बिजली कड़कने के साथ वर्षा होगी। ऐसे समय पेड़, टिनशेड, बिजली के खंभे और ट्रांसफॉर्मर के पास खड़े न होने की अपील सरकार की ओर से की गई है ।
मौसम विभाग के अनुसार 10 जून तक सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इसका कुछ असर मुंबई, ठाणे पालघर जिले में होगा। कोकण तट पर प्री-मानसून की उमस से राहत मिलेगी। लेकिन कोकण के बाद मानसून की रफ्तार अचानक थमने वाली है।
इससे मध्य महाराष्ट्र और कोकण में भी उमस भरी गर्मी की स्थिति बनी रहेगी। मानसून का बेसब्री से इंतजार कर रहे नागरिकों और किसानों के लिए कमजोर वर्षा चिंता का सबब होगी। इसे लेकर राज्य सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है।