'महायुति में रार', BMC की नाला सफाई के श्रेय पर शिवसेना और BJP में आर-पार, महापौर से उपमहापौर नाराज

Mahayuti Rift BMC Nala Safai: बीएमसी में महापौर और उपमहापौर के बीच नाला सफाई के दौरों को लेकर विवाद। शिवसेना ने भाजपा पर सहयोगियों को नजरअंदाज करने का लगाया आरोप।
Mahayuti Rift BMC Nala Safai
महापौर रितु तावड़े से नाराज हैं उपमहापौर: नाला सफाई के श्रेय पर भड़के संजय घाड़ी (फोटो क्रेडिट-X)
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BMC Nala Safai Controversy: मुंबई में मानसून की तैयारियों और नाला सफाई के निरीक्षण को लेकर बीएमसी की सत्ता पर काबिज महायुति गठबंधन में खींचतान शुरू हो गई है। गुरुवार को यह विवाद तब खुलकर सामने आया जब उपमहापौर और शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नगरसेवक संजय घाड़ी ने भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। घाड़ी ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि शहरभर में हो रहे महत्वपूर्ण निरीक्षण दौरों के दौरान भाजपा पदाधिकारी अपने सहयोगी दलों को विश्वास में नहीं ले रहे हैं।

उपमहापौर संजय घाड़ी का मुख्य विरोध महापौर रितु तावड़े के हालिया दौरों को लेकर है। उन्होंने कहा कि महापौर ने मुंबई के विभिन्न इलाकों में नाला सफाई का जायजा लिया, लेकिन इस दौरान न तो उन्हें (उपमहापौर को) आमंत्रित किया गया और न ही बीएमसी में शिवसेना के अन्य नेताओं को इसकी जानकारी दी गई। घाड़ी के अनुसार, इस प्रकार की कार्यशैली से गठबंधन के भीतर संवाद की कमी स्पष्ट रूप से झलक रही है।

गठबंधन धर्म पर सवाल

संजय घाड़ी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वे महापौर के विशेषाधिकारों को चुनौती नहीं दे रहे हैं, लेकिन एक सहयोगी दल होने के नाते समन्वय की उम्मीद रखते हैं। उन्होंने कहा, "महापौर ने नाला सफाई के निरीक्षण दौरे किए, लेकिन न तो उपमहापौर और न ही गठबंधन सहयोगी होने के नाते हमें इसकी सूचना दी गई। यह उनका विशेषाधिकार है, लेकिन उन्हें हमें जानकारी देनी चाहिए थी।" शिवसेना के अन्य पदाधिकारियों का भी मानना है कि भाजपा अकेले ही काम का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

बीजेपी का रुख और कार्यशैली

इस विवाद पर फिलहाल भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन बीएमसी गलियारों में यह चर्चा तेज है कि महापौर की सक्रियता से शिवसेना खेमा असहज महसूस कर रहा है। भाजपा समर्थकों का तर्क है कि महापौर का दौरा आधिकारिक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा था और इसमें किसी भी राजनीतिक दल को जानबूझकर दूर रखने की मंशा नहीं थी। हालांकि, शिवसेना का कहना है कि संयुक्त निरीक्षण से जनता में गठबंधन की एकता का संदेश जाता है।

मानसून तैयारियों पर पड़ सकता है असर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि महापौर और उपमहापौर के बीच यह शीत युद्ध जारी रहा, तो इसका सीधा असर मुंबई की मानसून पूर्व तैयारियों पर पड़ेगा। नाला सफाई का कार्य मानसून से पहले पूरा करना बीएमसी के लिए एक बड़ी चुनौती है और दोनों दलों के बीच समन्वय की कमी से अधिकारियों के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या महायुति के वरिष्ठ नेता इस मतभेद को जल्द सुलझा पाते हैं या यह विवाद और गहराता है।

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