सोलापुर में नाबालिग का अपहरण: विधायक के दबाव में पुलिस? न्याय के लिए थाने के बाहर भूख हड़ताल पर बैठा परिवार

Solapur Minor Girl Kidnapping Case: महाराष्ट्र के सोलापुर में नाबालिग के अपहरण के बाद परिवार ने भूख हड़ताल शुरू की। पुलिस पर विधायक के दबाव में काम करने का आरोप। पुलिस ने दी सफाई।
Solapur Minor Girl Kidnapping Case
सोलापुर: 20 दिन से लापता नाबालिग, विधायक के दबाव में पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
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Solapur Minor Kidnapping: सोलापुर जिले के दक्षिण सोलापुर तालुका में नाबालिग लड़की के अपहरण के मामले ने अब प्रशासनिक और राजनीतिक मोड़ ले लिया है। 15 अप्रैल को लापता हुई किशोरी का 20 दिन बाद भी पता न चलने से परेशान माता-पिता ने मांड्रुप पुलिस स्टेशन के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। परिवार का आरोप है कि संदिग्ध आरोपी मालशिरस तालुका के वेलापुर का रहने वाला है और उसे बचाने के लिए स्थानीय राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पीड़ित परिवार ने सीधे तौर पर पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शुरुआत में शिकायत दर्ज कराने में भी देरी की गई और बाद में अकलुज, दौंड और कलम जैसे इलाकों में की गई जांच केवल खानापूर्ति साबित हुई। परिवार ने विशेष रूप से फौजदार विद्यासागर सोनकांबले और दो अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है, जिन्हें वे इस मामले में संदिग्ध मान रहे हैं।

विधायक और जिला परिषद सदस्य का 'दबाव'?

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह कथित राजनीतिक दबाव है, जिसका जिक्र पीड़ित परिवार बार-बार कर रहा है। परिवार के अनुसार, एक प्रभावशाली विधायक और जिला परिषद के एक सदस्य ने पुलिस पर इस केस को रफा-दफा करने या धीमी गति से जांच करने का दबाव डाला है। हालांकि, परिवार ने अभी तक सार्वजनिक रूप से उस विधायक के नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है।

पुलिस प्रशासन की सफाई और आश्वासन

मामले के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए सहायक पुलिस निरीक्षक शंकर पटवारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस किसी भी दबाव में काम नहीं कर रही है और कानून से ऊपर कोई नहीं है। पटवारी ने परिवार को भरोसा दिलाया कि वे अब व्यक्तिगत रूप से इस केस की जांच की निगरानी करेंगे। वरिष्ठ अधिकारियों ने भी पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए हैं कि वे लापता लड़कियों और महिलाओं से जुड़े मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

क्षेत्र में लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल

सोलापुर पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक मांड्रुप क्षेत्र में लड़कियों के अपहरण के सात मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि पुलिस का दावा है कि इनमें से छह लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ लिया गया है, लेकिन वर्तमान मामले ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। भूख हड़ताल पर बैठे परिवार का कहना है कि जब तक उनकी बेटी वापस नहीं आ जाती और दोषी पुलिसकर्मियों व आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अपना अनशन समाप्त नहीं करेंगे।

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