Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

सरकारी कर्मचारियों के लिए महायुति का फरमान, सरकार की नीतियों, नेताओं की आलोचना बैन!

सरकारी कर्मचारियों पर लगाम लगाने अब महायुति सरकार ने बड़ा फैसला ले लिया है। इस फैसले के तहत अगर कोई सरकारी कर्मचारी सरकार की नीतियों या किसी वरिष्ठ की आलोचना करते पाया गया तो उस पर एक्शन लिया जाएगा।

  • By प्रिया जैस
Updated On: May 26, 2025 | 07:31 AM

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (सौजन्य-एएनआई)

Follow Us
Close
Follow Us:

मुंबई: महायुति सरकार ने अब राज्य के सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। राज्य की महायुति सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार, सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकारी नीतियों, वरिष्ठों की आलोचना या मत प्रदर्शन नहीं कर सकेंगे।

महायुति सरकार का यह फैसला महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1979 के उल्लंघन से जोड़ते हुए लिया गया है। इसका उल्लंघन करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ इस तरह की कार्रवाई का प्रावधान है। सरकार के इस निर्णय से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता खतरे में पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना पर होगी कार्रवाई

15 मई 2025 को सरकार द्वारा जारी एक परिपत्र के अनुसार, यह देखा गया है कि कुछ कर्मचारी और अधिकारी फेसबुक, यूट्यूब, ट्विटर, इंस्टाग्राम, वॉट्सऐप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया पर सरकार के नीतिगत फैसलों और वरिष्ठ अधिकारियों की आलोचना कर रहे हैं। परिपत्र में कहा गया है कि इस तरह की कार्रवाइयां सरकारी मामलों की अखंडता और अखंडता को कमजोर करती हैं।

सम्बंधित ख़बरें

संभाजीनगर चुनाव: आचार संहिता तोड़ी तो सीधी कार्रवाई – कानून व्यवस्था से खिलवाड़ नहीं, पुलिस आयुक्त

मालेगांव मनपा चुनाव: युवाओं ने दिखाई लोकतांत्रिक ताकत; 15 जनवरी को वोट जरूर डालें, जेन-जी से खास अपील

नासिक मनपा चुनाव: भाजपा में एबी फॉर्म का पेंच, सिडको वार्ड 26 में भाजपा की अंदरूनी जंग खुली

नासिक मनपा चुनाव: मतदान केंद्र स्थानांतरित, चुनाव में सुविधा पर जोर; मतदाताओं को राहत

मामले को बहुत गंभीर बताते हुए परिपत्र में कर्मचारियों को सख्ती से निर्देश दिया गया है कि वे सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी सामग्री पोस्ट न करें। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि सरकारी कर्मचारी या अधिकारी सरकार की नीतियों या वरिष्ठों के खिलाफ कोई राय, आलोचना या आपत्ति व्यक्त करते हैं, तो वे महाराष्ट्र सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1979 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के अधीन होंगे।

महाराष्ट्र की सियासत का सबसे ‘ग्लैमरस’ खिलाड़ी, कांग्रेस से की बगावत फिर भी पार्टी ने 2 बार बनाया मुख्यमंत्री

अनुशासन के नाम पर आवाज दबाने का प्रयास

महायुति सरकार के इस फैसले की विपक्ष ने आलोचना की है। महाराष्ट्र कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी छीनना बताया है। हर्षवर्धन सपकाल ने कहा सरकार चाहे जो करे, भ्रष्टाचार, लूट के खिलाफ लोग आवाज न उठाएं, ऐसा ये लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास है। मुहजोर सरकार और प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिए अभिव्यक्ति की आजादी छीनने की कोशिश कर रही है।

Mahayuti order government employees criticism policies banned social media

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: May 26, 2025 | 07:31 AM

Topics:  

  • Government Employee
  • Harshwardhan Sapkal
  • Maharashtra News
  • Mahayuti

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.