Ease Of Doing Business का रास्ता हुआ साफ, Tariff War ने निपटने के लिए महाराष्ट्र में बनेगा वॉर रूम
अमेरिका के टैरिफ से निपटने के लिए केंद्र सरकार के साथ राज्य सरकार ने भी कमर कस ली है। CM Devendra Fadnavis ने इसके लिए War Room बनाने की बात कही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
सीएम देवेंद्र फडणवीस (सौ. सोशल मीडिया )
Mumbai News In Hindi: अमेरिका ने भारत से आयातित वस्तुओं पर टैरिफ लगाकर देश को मुश्किल में डालने की कोशिश की है। इससे निपटने के लिए महायुति सरकार ने व्यापार को सुलभ बनाने के लिए तीसरा वॉर रूम स्थापित करने का फैसला किया है।
‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए बनाए जाने वाले इस वॉर रूम की हर महीने समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वॉर रूम स्थापित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
सीएम फडणवीस सह्याद्री गेस्ट हाउस में वैश्विक आयात-निर्यात नीति के अनुरूप किए जाने वाले उपायों पर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत अमेरिका की चुनौतियों से निडर होकर कदम आगे बढ़ा रहा है। घरेलू सामानों के लिए वैकल्पिक बाजार खोजने और अमेरिका के लगाए गए टैरिफ से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इस आपदा को अवसर मानते हुए राज्य की ‘व्यापार सुगमता’ नीति में 100 बदलाव किए जाने चाहिए।
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व्यापारिक भारत-यूके संबंध होंगे और मजबूत
ग्लोबल इंडिया बिजनेस कॉरिडॉन (GIBC) ने महाराष्ट्र सरकार के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पन हस्ताक्षर करने की घोषणा की है। इस समझौते का उद्देश्य भारत और यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बीच द्विपक्षीय व्यापार निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करना है इस सहयोग के तहत, GIBC उद्योग विभाग की विस्तारित इकाई के रूप में कार्य करेग और यूके व यूरोप में महाराष्ट्र के हितों क प्रतिनिधित्व एवं सहयोग सुनिश्चित करेगा. यह समझौता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इसमें बैंकिंग एक वित्त, अवसंरचना, विनिर्माण, प्रौद्योगिकी नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवाएँ औन शिक्षा सहित कई उच्च-विकास क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ाने हेतु संयुक्त प्रतिबद्धत का उल्लेख किया गया है। फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र भारत के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में निरंतर आम्रणी रहा है।
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उन्होंने इस नीति को कारगर बनाने के लिए संबंधितों को एक अलग ‘वॉर रूम’ बनाने के निर्देश दिए है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सूबे में निजी औद्योगिक शर्क स्थापित करने के लिए उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम को औद्योगिक क्षेत्रों के बाहर ऐसे औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए। इसमें त और मध्यम उद्योगों को प्राथमिकता के शामिल किया जाना चाहिए, उद्यमियों को उद्य के लिए आवश्यक लाइसेस तुरंत मिल सक इसके लिए एक व्यवस्था होनी चाहिए, इस राज्य में समृद्धि आएगी और रोजगार सृजन वृद्धि होगी।
