महावितरण का विशेष अभियान: ‘PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ से उपभोक्ता होंगे लाभान्वित
Maharashtra News: सेवा पर्व’ अभियान में महावितरण ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को बढ़ावा दिया। 300 यूनिट तक खपत वाले उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिलेगा।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mahavitaran Special Campaign: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से लेकर महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक ‘सेवा पर्व’ के रूप में मनाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, महावितरण (महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड) ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ को बढ़ावा दे रहा है। इस योजना का लक्ष्य उन सभी बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली प्रदान करना है, जिनकी मासिक खपत 300 यूनिट तक है।
महावितरण के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने इस पहल की जानकारी देते हुए सभी बिजली उपभोक्ताओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने भी इस योजना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं, ताकि सीधे तौर पर बिजली उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया जा सके।
क्या है ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का शुभारंभ किया था। इस योजना का दोहरा उद्देश्य है: सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना और उन्हें अतिरिक्त बिजली बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर देना। इस योजना के तहत, उपभोक्ता अपनी छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाएं लगा सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार से सीधे सब्सिडी मिलती है।
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- 1 किलोवाट क्षमता: ₹30,000 की सब्सिडी
- 2 किलोवाट क्षमता: ₹60,000 की सब्सिडी
- 3 किलोवाट क्षमता: ₹78,000 की सब्सिडी
इसके अलावा, हाउसिंग सोसाइटियों को भी 500 किलोवाट तक की परियोजनाएं लगाने पर प्रति किलोवाट ₹18,000 की सब्सिडी दी जाती है।
सौर ऊर्जा से आय और बचत
एक किलोवाट क्षमता वाली सौर ऊर्जा परियोजना सूर्य के प्रकाश की उपलब्धता के आधार पर प्रति माह लगभग 120 यूनिट बिजली पैदा कर सकती है। चूंकि यह उत्पादन उपभोक्ता की जरूरत से अक्सर ज्यादा होता है, इससे न केवल बिजली का बिल शून्य हो जाता है, बल्कि बची हुई अतिरिक्त बिजली को महावितरण को बेचकर आय भी अर्जित की जा सकती है। यह पहल उपभोक्ताओं को बिजली पर होने वाले खर्च से मुक्ति दिलाती है और उन्हें आत्मनिर्भर बनाती है।
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राज्य में योजना का प्रभाव
लोकेश चंद्र के अनुसार, राज्य में अब तक महावितरण के 2,84,245 बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इन उपभोक्ताओं द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं की कुल क्षमता 1,087 मेगावाट तक पहुंच गई है, जो नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
महावितरण का यह अभियान न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ पहुंचाएगा, बल्कि यह स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी प्रोत्साहित करेगा। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी और देश के ऊर्जा लक्ष्यों की पूर्ति में भी योगदान होगा। महावितरण की यह पहल ‘सेवा पर्व’ के वास्तविक उद्देश्य को दर्शाती है, जो आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर केंद्रित है।
