Maharashtra में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर हाईटेक रडार से कार्रवाई, 33 लाख जुर्माना वसूला
Mumbai RTO Department ने ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर सख्ती दिखायी है। इंटरसेप्टर वाहनों से 3,233 चालकों पर कार्रवाई, 33 लाख से ज्यादा जुर्माना वसूला है। सबसे ज्यादा मामले बिना हेलमेट के दर्ज हुए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुंबई ट्रैफिक पुलिस (फाइल फोटो: ANI)
Mumbai RTO News In Hindi: राज्य परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्ती बढ़ाते हुए इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है।
11 दिसंबर से शुरू हुई इस मुहिम में अब तक 3,233 वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा चुकी है और 33 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, नियम तोड़ने वालों में दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक हैं। सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए परिवहन विभाग ने 69 इंटरसेप्टर वाहन खरीदे हैं, जिनमें अत्याधुनिक रडार सिस्टम लगे हैं। इन वाहनों के संचालन के लिए 200 मोटर वाहन निरीक्षक और सहायक निरीक्षक को प्रशिक्षण दिया गया है।
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सभी आरटीओ कार्यालयों में इन वाहनों की तैनाती के साथ अब नियमित प्रवर्तन शुरू हो गया है। आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों, शहर की आंतरिक सड़कों और चिन्हित इलाकों में की जा रही है।
हेलमेट न पहनने के सबसे ज्यादा मामले दर्ज
रडार सिस्टम एक साथ चार तरह के उल्लंघन पकड़ने में सक्षम है, जिससे एक घंटे में सैकड़ों वाहनों पर कार्रवाई संभव हो जाती है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत उल्लंघन दर्ज होते ही चालान स्वतः जनरेट हो जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, हेलमेट न पहनने के मामले सबसे ज्यादा सामने आए हैं।
कुल मामलों में 54.8% यानी 1,772 प्रकरण ऐसे हैं, जिनमें दोपहिया चालक बिना हेलमेट पाए गए। इसके बाद बिना हेलमेट पिलियन राइडर, ओवरस्पीडिंग और सीट बेल्ट न पहनने के मामले दर्ज किए गए।
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नए साल को देखते हुए मुंबई समेत प्रमुख शहरों में इस अभियान को और तेज किया जाएगा। इंटरसेप्टर वाहनों में लगे एनपीआर कैमरे (इन्फ्रारेड तकनीक के साथ), वाई-फाई और रडार सिस्टम रात में भी सटीक निगरानी में सक्षम हैं। अधिकारियों को केवल निगरानी का जोन तय करना होता है, इसके बाद सिस्टम स्वतः वाहन गतिविधियों पर नजर रखता है और नियम उल्लंघन पर चालान करता है।
