Child Rights Protection Commission Maharashtra: आश्रम शाला, निवासी स्कूलों और छात्रावासों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बैठक में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, भोजन-पानी और बाल अधिकारों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की गई।
बैठक में आश्रम शालाओं और निवासी संस्थानों में चाइल्ड सेफ्टी ऑडिट लागू करने पर चर्चा हुई। इसमें पीने के पानी, भोजन की गुणवत्ता, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, सीसीटीवी व्यवस्था, कर्मचारियों की पुलिस जांच को शामिल करने का सुझाव दिया गया।
बच्चों के सीधे संपर्क में आने वाले स्थायी, कंत्राटी और अन्य कर्मचारियों की पुलिस जांच पूरी होना जरूरी बताया गया। सीसीटीवी की नियमित निगरानी और रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
दूषित पानी और भोजन से बच्चों के स्वास्थ्य को खतरा न हो, इसके लिए पानी की जांच, टंकियों की सफाई, रसोई की स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच की निगरानी करने को कहा गया। किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता और सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
बैठक में आश्रम शालाओं और निवासी संस्थानों की सुविधाओं की प्रत्यक्ष जांच के लिए राज्य स्तरीय जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया गया।
यह समिति संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर जांच रिपोर्ट आयोग को सौंपेगी। पारधी, कातकरी और अन्य
वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा में बनाए रखने के लिए आधार और जन्म प्रमाण पत्र संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था की मैदानी स्तर पर समीक्षा के लिए राज्य स्तरीय निरीक्षण समिति गठित की जाएगी।