

Devendra Fadnavis Cabinet Meeting: आज हुई कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने शिक्षा प्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि इन निर्णयों का उद्देश्य न केवल शहरों, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के छात्रों को भी वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान करना है। इन प्रस्तावों को इसी शैक्षणिक वर्ष (2026-27) से लागू करने की तैयारी है।
आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत लिए गए निर्णय से पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए उच्च शिक्षा के रास्ते खुलेंगे। सरकार ने आश्रम स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ वहां शिक्षकों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने का भी प्रावधान किया है।
सरकार ने गैर-सरकारी संस्थाओं के 5 प्राथमिक और 19 माध्यमिक सहायता प्राप्त आश्रम विद्यालयों को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्राथमिक स्कूलों को माध्यमिक और माध्यमिक स्कूलों को जूनियर कॉलेज स्तर तक उन्नत किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए आवश्यक नए पदों के सृजन और खर्च के प्रावधान को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।
उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के तहत सोलापुर के सरकारी तकनीकी संस्थान में तीन नए डिग्री स्तरीय इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम शुरू किए जा रहे हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग, तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार शामिल हैं। प्रत्येक पाठ्यक्रम में 60 सीटों की क्षमता होगी, जिससे स्थानीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
धराशिव जिले के विद्यार्थियों के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए, श्री तुलजाभवानी मंदिर संस्थान द्वारा संचालित इंजीनियरिंग कॉलेज को अब महाराष्ट्र सरकार को हस्तांतरित किया जाएगा। सरकारी नियंत्रण में आने के बाद इस कॉलेज को आधुनिक प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग शिक्षा मिल सकेगी।