1 मई को क्यों मनाया जाता है महाराष्ट्र दिवस? छत्रपति शिवाजी महाराज का स्वराज्य कैसे बना देश का महानतम राज्य
Maharashtra Day Historical Significance: महाराष्ट्र भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे अहम भूमिका निभाने वाला राज्य है। जानिए 1 मई को राज्य में महाराष्ट्र दिवस क्यों मनाया जाता है।
- Written By: अपूर्वा नायक
महाराष्ट्र दिवस (सौ. सोशल मीडिया )
1st May Maharashtra Day: भारत के पश्चिमी छोर पर बसा महाराष्ट्र भारत का वो राज्य है, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को आज भी बरकरार रखता है। जब भी भारत के सबसे समृद्ध और धनी राज्यों की बात की जाती है, तो इस सूची में सबसे ऊपर महाराष्ट्र का नाम होता है।
महाराष्ट्र संस्कृत शब्दों दो शब्दों का मिलकर बना है, महा और राष्ट्र। महा का अर्थ महान और राष्ट्र यानी देश, जिसका संपूर्ण अर्थ होता है एक महान देश। इस राज्य की पहचान अक्सर इतिहास के सबसे गौरवशाली योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम से जानी जाती है। महाराष्ट्र में कई महान संतों जैसे संत तुकाराम, संत ज्ञानेश्वर और संत तुकड़ोजी महाराज का जन्म हुआ है।
देश की आर्थिक राजधानी
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई है, जिसकी पहचान भारत के सबसे बड़े शहर और देश की आर्थिक राजधानी के तौर पर की जाती है। वहीं पुणे शहर आज भी महाराष्ट्र की ऐतिहासिक धरोहर को संजोए हुए है। पुणे भारत के सबसे बड़े शहरों में छठें स्थान पर आता है।
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1 मई को क्यों मनाया जाता है महाराष्ट्र दिवस?
हर साल 1 मई को महाराष्ट्र दिवस मनाया जाता है। बॉम्बे पुनर्गठन अधिनियम लागू होने के बाद मराठी भाषा के आधार पर 1 मई 1960 को महाराष्ट्र अस्तित्व में आया था। इस अधिनियम के चलते बॉम्बे का 2 राज्यों में बंटवारा हुआ, पहला महाराष्ट्र और दूसरा गुजरात। मराठीभाषियों के लिए अलग से महाराष्ट्र राज्य और गुजराती जानने वालों के लिए गुजरात राज्य का निर्माण हुआ था।
आपको बता दें कि 1960 से पहले, महाराष्ट्र एक विशाल राज्य बॉम्बे का हिस्सा हुआ करता था, जिसमें गुजरात, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के कई हिस्से शामिल हुए थे। इस राज्य में ज्यादातर लोग मराठी भाषा का उपयोग करते हैं, इसके अलावा कोंकणी जैसी भाषा भी बोली जाती है। भाषाओं के अंतर के चलते राज्य पुनर्गठन आयोग ने महाराष्ट्र और गुजरात 2 अलग राज्यों का निर्माण किया था।
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छत्रपति शिवाजी महाराज: महाराष्ट्र का स्वराज्य
भारत के महानतम राजाओं में से एक छत्रपति शिवाजी महाराज का भी जन्म महाराष्ट्र के शिवनेरी में हुआ था। वे शाहजी भोसले और जीजाबाई के पुत्र थे। छत्रपति शिवाजी महाराज भारतीय इतिहास के वो शिल्पकार थे, जिन्होंने स्वराज्य की नींव रखी थी। शिवाजी महाराज ने अपने शासन में ऐसे कई किलों का निर्माण और पुनर्निर्माण किया, जिनका आज भी इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान है।
