मुंबई: ST Workers के ₹7,500 करोड़ हैं बकाया, सरकार से एकमुश्त आर्थिक सहायता की मांग
ST Workers Pending Payments: एसटी कर्मचारियों और अधिकारियों के ₹7,500 करोड़ बकाया भुगतान को लेकर कर्मचारी कांग्रेस ने सरकार से विशेष आर्थिक सहायता की मांग की है।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
ST बस पर कर्मचारी (सोर्स: फाइल फोटो)
Maharashtra ST Workers Pending Payments: महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल के 86 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की विभिन्न बकाया देनदारियां करीब 7,500 करोड़ रुपए तक पहुंच गई हैं। एसटी की खराब आर्थिक स्थिति के कारण यह राशि कर्मचारियों को नहीं मिल पा रही है। ऐसे में राज्य सरकार एकमुश्त आर्थिक सहायता दे, यह मांग महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने की है।
हजारों करोड़ का बकाया भुगतान हैं लंबित
एसटी कर्मचारी संगठनों ने परिवहन मंत्री एवं एसटी महामंडल के अध्यक्ष प्रताप सरनाईक के समक्ष कर्मचारियों के लंबित वित्तीय भुगतान का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया है। संगठन के प्रतिनिधियों ने बताया कि वर्ष 2016 से 2020 के बीच की 1 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि की लगभग 1,600 करोड़ रुपये की राशि अब तक कर्मचारियों को प्राप्त नहीं हुई है।
इसके अलावा महंगाई भत्ता और मकान किराया भत्ते के करीब 970 करोड़ रुपये भी लंबित हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि भविष्य निधि (पीएफ), अंशदान और सदस्यता शुल्क के लगभग 1,400 करोड़ रुपये, ग्रेच्युटी ट्रस्ट के 1,400 करोड़ रुपये, अवकाश नकदीकरण के 60 करोड़ रुपये तथा चिकित्सा और यात्रा भत्तों के 12 करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। कर्मचारियों ने इन सभी बकाया राशियों का शीघ्र भुगतान करने की मांग की है।
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… तो मिल सकेगी बड़ी राहत!
श्रीरंग बरगे ने कहा कि दिसंबर 2025 से मई 2026 के दौरान एसटी कर्मचारियों को केवल नेट वेतन का भुगतान किया गया, जबकि वेतन से की गई विभिन्न कटौतियों की राशि संबंधित संस्थाओं और खातों में जमा नहीं की गई। इसके कारण लगभग 633 करोड़ रुपये की अतिरिक्त देनदारी उत्पन्न हो गई है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक चिंताएं और बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य वित्तीय देनदारियों और सीटीसी मद में भी करीब 1,418 करोड़ रुपये बकाया हैं।
ऐसी स्थिति में कर्मचारियों और अधिकारियों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बरगे ने राज्य सरकार से मांग की कि एसटी महामंडल को 7,500 करोड़ रुपये की विशेष आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, जिससे महामंडल की वित्तीय स्थिति सुधरे और हजारों कर्मचारियों के लंबित भुगतान तथा अन्य देनदारियों का निपटारा किया जा सके।
