नासिक के सरकारी स्कूलों का बदलेगा चेहरा! केंद्र सरकार की नई पहल, पूर्व छात्र और नागरिक सीधे कर सकेंगे मदद
Nashik School Development: नासिक के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल अब अपनी जरूरतें सीधे साझा कर सकेंगे। नई पहल से नागरिक, पूर्व छात्र और उद्योग जगत स्कूलों के विकास में योगदान दे सकेंगे।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक सहायता प्राप्त स्कूल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Government School Development Initiative: नासिक जिले में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों के सशक्तिकरण के लिए अब समाज आगे आ रहा है। बुनियादी सुविधाओं से लेकर शैक्षणिक सामग्री तक, स्कूलों को ठीक किस चीज की आवश्यकता है, यह अब वे सीधे बता सकेंगे।
केंद्र सरकार की इस विशेष पहल से आम नागरिक, पूर्व छात्र और उद्योग क्षेत्र स्कूलों के विकास में सीधे भागीदार बन सकेंगे। स्कूलों की जरूरतें केवल सरकारी अनुदान पर निर्भर न रहें, इसलिए समाज के दानदाताओं, पूर्व छात्र संगठनों, स्थानीय नागरिकों और कॉर्पोरेट कंपनियों को अब स्कूलों की मदद कर पाएंगे।
मदद करने का तरीका
“विद्यांजलि’ पोर्टल पर साइन अप करें। अपनी पसंद का स्कूल और उसकी आवश्यकता खोजें। स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर मदद का प्रस्ताव भेजें। प्रस्ताव स्वीकार होने पर सीधे स्कूल को सेवाएं या सामग्री सौपे।
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जरूरतमंद बच्चों के लिए साबित होगी मजबूत कड़ी
स्कूल और मदद देने वाले नागरिकों के बीच तालमेल बिठाने के लिए केंद्र सरकार ने ‘विद्यांजलि 2।0 पोर्टल शुरू किया है। यह पोर्टल जरूरतमंद स्कूलों और मदद करने वालों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा।
इस पहल की मुख्य विशेषता यह है कि कोई भी भारतीय नागरिक, एनजीओ, पूर्व छात्र, उद्यमी या निजी संस्था अपनी पसंद के किसी भी स्थानीय स्कूल को मदद देकर उसके विकास में अपना अमूल्य योगदान दे सकती है, जिसमें अध्यापन, खेल मार्गदर्शन, स्वास्थ्य जांच शामिल है।
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बुनियादी सुविधाओं में किया जाएगा उपयोग
डिजिटल उपकरण, पुस्तके, स्टेशनरी, बिजली/पानी के उपकरण या बुनियादी सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा। कंपनियों के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी फड का उपयोग स्कूलों के विकास के लिए किया जा सके, इसके लिए पोर्टल पर एक विशेष’ सीएसआर मॉड्यूल’ उपलब्ध कराया गया है।
इसके जरिए बड़ी कंपनियां सीधे स्कूलों को गोद ले सकती है। स्कूल शिक्षा विभाग के यू-डायस प्लस’ कोड का उपयोग करके पोर्टल पर लॉगिन कर जानकारी अपडेट करनी होगी। मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी के माध्यम से ओटीपी द्वारा सरल पंजीकरण प्रक्रिया रखी गई है।
