महाराष्ट्र एसटी महामंडल को बड़ा झटका, सरकार ने वित्तीय सहायता देने से किया इनकार

Maharashtra ST Corporation Fund Crisis: महाराष्ट्र एसटी महामंडल को सरकारी वित्तीय सहायता नहीं मिलने से कर्मचारियों के वेतन और परिवहन सेवाओं पर संकट गहराने की आशंका जतायी जा रही है।
Maharashtra ST Corporation Fund Crisis News
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (सौ. सोशल मीडिया )
Published on
Updated on

Maharashtra ST Corporation Fund Crisis News: महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) को राज्य के अर्थ विभाग से बड़ा झटका लगा है। अब तक आर्थिक घाटे में चल रहे एसटी महामंडल को सरकार की ओर से समय-समय पर वित्तीय सहायता दी जाती थी लेकिन अब राज्य सरकार ने यह निधि देने से इनकार कर दिया है।

इससे लगभग 90,000 एसटी कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर संकट खड़ा हो गया है। सूत्रों के अनुसार, अर्थ विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब एसटी महामंडल को सरकार पर निर्भर न रहकर स्वयं अपने संसाधनों से वित्तीय व्यवस्था करनी होगी। इस निर्णय के बाद एसटी कर्मचारियों के वेतन में देरी होने की आशंका बढ़ गई है।

श्रीरंग बरगे ने लगाए सरकार पर गंभीर

इस मामले को लेकर महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार ने एसटी कर्मचारियों की पीठ में छुरा घोंपने' जैसा कदम उठाया है। राज्य सरकार पर एसटी महामंडल के करीब 408 करोड़ रुपये बकाया हैं।

एसटी के सामने गंभीर चुनौती

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद बस किराये में वृद्धि नहीं की गई है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि फिलहाल किराया बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।

इससे एसटी को लगातार घाटा हो रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा निधि रोकने के फैसले ने एसटी महामंडल की वित्तीय स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है। जिससे आगे संचालन और कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com