KEM Blood Bank पर एफडीए की कार्रवाई, अनियमितताओं के चलते लाइसेंस एक दिन के लिए निलंबित

मुंबई के KEM Blood Bank में कथित अनियमितताओं के खुलासे के बाद एफडीए ने बड़ा कदम उठाया है। जांच में बिना मंजूरी तकनीशियनों की तैनाती बीएमसी के अन्य ब्लड बैंक भी जांच के दायरे में आ गए हैं।
KEM Blood Bank License Suspended
KEM ब्लड बैंक में गड़बड़ियां (सौ. सोशल मीडिया )
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KEM Blood Bank License Suspended: मुंबई मनपा के ब्लड बैंकों की कार्य प्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आपले सरकार पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद हुई जांच में परेल स्थित केईएम ब्लड बैंक में तकनीशियनों की तैनाती और लाइसेंस रिकॉर्ड से जुड़ी कथित अनियमितताएं सामने आने पर एफडीए ने 18 मई, 2026 को ब्लड बैंक का लाइसेंस एक दिन के लिए निलंबित कर दिया।

जांच में बिना मंजूरी तकनीशियनों से ड्यूटी कराने समेत कई खामियां पाई जाने के बाद बीएमसी संचालित ब्लड बैंकों की निगरानी और सख्त कर दी गई है। एफडीए की ओर से शिकायतकर्ता को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि 5 मई, 2025 को प्राप्त शिकायत के आधार पर 13 मई, 2025 को ब्लड सेंटर की जांच की गई थी।

जांच में पाए गए दोषों के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। संस्था द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण और अनुपालन रिपोर्ट पर विचार करने के बाद ब्लड सेंटर को कड़ी चेतावनी दी गई थी।

इसके बाद 30 अक्टूबर, 2025 को मिली दूसरी शिकायत के आधार पर 17 नवंबर, 2025 को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन पश्चिम विभाग, मुंबई के अधिकारियों के साथ संयुक्त जांच की गई। जांच में अन्य त्रुटियां पाई जाने पर फिर नोटिस जारी किया गया और संस्था का लाइसेंस एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।

संविदा वालों की लगाई ड्यूटी

सूत्रों के अनुसार ब्लड बैंक में एफडीए से मंजूर नहीं किए गए तकनीशियनों से विशेषकर रात की ड्यूटी कराए जाने का मामला जांच के केंद्र में रहा। बताया जा रहा है कि स्थायी और मंजूर तकनीशियनों द्वारा नाइट ड्यूटी से इनकार किए जाने के बाद नए कॉन्ट्रैक्ट वाले तकनीशियनों को ड्यूटी पर लगाया गया, जबकि उन्हें आवश्यक मंजूरी प्राप्त नहीं थी।

ब्लड बैंक के आंकड़ों पर उठाए जा रहे कई सवाल

इसके अलावा ब्लड बैंक के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे है। चर्चा है कि कुछ अवधियों में बड़ी संख्या में ब्लड बैंक की जांच के बावजूद एक भी एचआईवी पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया, जबकि अन्य महीनों में कम जांच के बावजूद कई पॉजिटिव रिपोर्ट मिलीं। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

अन्य ब्लड बैंकों में भी दिखाई दी अनियमितता

इधर, हाल के दिनों में कांदिवली स्थित भारत रत्न डॉ बाबासाहेब आंबेडकर ब्लड बैंक को कथित अनियमितताओं के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। वहीं बांद्रा स्थित केबी भाभा ब्लड बैंक का लाइसेंस भी इसी प्रकार की अनियमितताओं के चलते पहले दो दिन और बाद में चार दिन के लिए निलंबित किया गया था। आरोप था कि जिन तकनीशियनों के नाम लाइसेंस में दर्ज थे, वे वास्तव में ब्लड बैंक में कार्यरत ही नहीं थे।

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