Minister Chandrakant Patil's statement ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Maharashtra School Girls Self Defence Training: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र सरकार ने छात्राओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने घोषणा की कि जून 2026 से प्रदेश के हर स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए लाठी और कराटे का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह घोषणा सांगली में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां बड़ी संख्या में छात्राएं और शिक्षण क्षेत्र से जुड़े लोग उपस्थित थे।
मंत्री पाटिल ने बताया कि इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट पहले ही सांगली जिले में लागू किया जा चुका है। इसके तहत 50 स्कूलों में छात्राओं को हर शनिवार एक-एक घंटे का कराटे और जूडो प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल समापन के बाद आयोजित समारोह में लगभग 1,000 छात्राओं को येलो बेल्ट ग्रेड प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। यह प्रमाणपत्र खुद मंत्री चंद्रकांत पाटिल के हाथों छात्राओं को दिए गए।
कन्या सबलीकरण उपक्रम हे महिलांच्या सुरक्षिततेच्या दृष्टीने उचललेले एक अत्यंत महत्त्वाचे पाऊल आहे. ८ मार्च २०२६ । सांगली पॅटर्न – कन्या सबलीकरण उपक्रमांतर्गत सेल्फ डिफेन्स प्रशिक्षण कार्यक्रम | सांगली #महिलादिन #SelfDefense #WomenEmpowerment #Sangli #InternationalWomensDay2026… pic.twitter.com/HC1nok1uGJ — Chandrakant Patil (@ChDadaPatil) March 8, 2026
मंत्री पाटिल ने यह भी कहा कि छात्राओं के आगे के बेल्ट प्रशिक्षण का पूरा खर्च प्रशासन वहन करेगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्रा आर्थिक कारणों से इस प्रशिक्षण से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। आत्मरक्षा का प्रशिक्षण छात्राओं में आत्मविश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करेगा।
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इस कार्यक्रम में सांसद विशाल पाटिल, विधायक इदरीस नाईकवाड़ी, जिलाधिकारी अशोक काकड़े और पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सांसद विशाल पाटिल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि इन बेटियों का कराटे प्रशिक्षण देखकर उन्हें लगता है कि उनका बुढ़ापा सुरक्षित रहेगा। उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंज उठे। सरकार का मानना है कि इस पहल से छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए अधिक सक्षम बनेंगी।