छत्रपति संभाजीनगर में मंत्री चंद्रकांत पाटील का बयान, नेता प्रतिपक्ष नहीं, लोकतंत्र के लिए मजबूत विपक्ष जरूरी

Chhatrapati Sambhajinagar Democracy Statement: मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि लोकतंत्र में सशक्त विपक्ष जरूरी है। नेता प्रतिपक्ष हो या नहीं, मजबूत विपक्ष ही सत्ताधारियों को जवाबदेह रखता है।
Minister Chandrakant Patil's
Minister Chandrakant Patil's statement ( सोर्स: सोशल मीडिया )
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Chhatrapati Sambhajinagar Maharashtra Politics: छत्रपति संभाजीनगर सत्ताधारी तभी अनुशासित और जवाबदेह रहते हैं, जब विपक्ष मजबूत होकर जनता के प्रश्न प्रभावी ढंग से उठाता है। इसलिए विपक्ष का नेता है या नहीं, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि विपक्ष का मजबूत होना आवश्यक है।

तभी लोकतंत्र में जन समस्याओं का समाधान संभव है। यह विचार उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने शनिवार को यहां व्यक्त किए। मंत्री चंद्रकांत पाटील शहर में 'डिपेक्स' प्रदर्शनी के भूमिपूजन कार्यक्रम के अवसर पर आए थे।

इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से संवाद करते हुए विभिन्न राजनीतिक और विकासात्मक विषयों पर अपनी भूमिका स्पष्ट की। विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता नहीं होने के प्रश्न पर मंत्री पाटील ने कहा कि यह निर्णय सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

यह अधिकार सभापति और पीठासीन अधिकारियों के पास होता है। सरकार केवल सुझाव दे सकती है। वर्तमान में कुछ तकनीकी अड़चनें हैं। कुल सदस्यों की संख्या के एक दशमांश का आवश्यक आंकड़ा किसी एक दल के पास नहीं होने के कारण निर्णय लंबित है।

डिपेक्स से नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

उन्हीने आशा व्यक्त की कि आगानी सत्र में इस विषय पर कोई मार्ग निकलेगा, पाटिल ने कहा कि विपक्ष अवश्य होना चाहिए, लेकिन वर्तमान में वह इतना कमजोर हो गया है कि उसे ढूंढना पड़ता है।

सत्ताधारी तब ही संयमित रहते हैं जब विपक्ष प्रभावी ढंग से जनता की आवाज उठाता है, इसलिए लोकतंत्र के स्वस्थ संचालन के लिए मजबूत विपक्ष आवश्यक है, डिपेक्स प्रदर्शनी के बारे में बोलते हुए मंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि अब हमें नए विचारों को देखना और उन्हें प्रोत्साहित करना सीखना होगा, वर्षों तक हम अन्य देशों के आविष्कारों का उपयोग करते रहे और उन्हें रॉयल्टी देते रहे।

इससे वे देश समृद्ध हुए। अब भारतीय युवा नवाचार कर रहे है। दुनिया हमारे आविष्कारों का उपयोग कर रही है और देश को रॉयल्टी प्राप्त हो रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होंगे, उस समय वर्तमान में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत आर्थिक क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त कर सकता है।

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