अनुसूचित जाति आरक्षण, उप-वर्गीकरण पर 16-17 अप्रैल को होगी अहम सुनवाई
Maharashtra SC Reservation Sub Categorization: महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति आरक्षण के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे पर 16 और 17 अप्रैल 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई होगी।
- Written By: आंचल लोखंडे
Maharashtra SC Reservation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Social Justice Department Maharashtra: महाराष्ट्र में अनुसूचित जाति (एससी) के आरक्षण के भीतर ‘उप-वर्गीकरण’ (सब कैटिगराइजेशन) को लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस विषय पर गहन विचार-विमर्श और सुझाव प्राप्त करने के लिए आगामी 16 और 17 अप्रैल 2026 को एक विशेष सुनवाई का आयोजन किया गया है। सामाजिक न्याय विभाग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए संबंधित पक्षों और इच्छुक व्यक्तियों से उनकी राय मांगी है।
आरक्षण के भीतर अ, ब, स और ड जैसे उप-वर्ग बनाने के संवेदनशील मुद्दे पर गठित की गई समिति अब विभिन्न हितधारकों की भूमिका और मत जानने के लिए तैयार है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते हैं, वे 15 अप्रैल 2026 तक ई-मेल के माध्यम से अपना आवेदन या निवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक ई-मेल आईडी dg-@barti।in जारी की गई है।
न्यायमूर्ति बदर समिति की रिपोर्ट के बाद अगली कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति आरक्षण में उप-वर्गीकरण की संभावनाओं की जांच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनंत मनोहर बदर की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने 16 मार्च 2026 को अपनी विस्तृत सिफारिशों के साथ रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक और प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है, जो आगामी सुनवाई का संचालन करेगी।
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आवेदन प्रक्रिया और संपर्क विवरण
सुनवाई में शामिल होने के इच्छुक आवेदकों को अपना निवेदन भेजते समय अपना सक्रिय टेलीफोन नंबर देना अनिवार्य होगा। सामाजिक न्याय विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सुनवाई के सटीक स्थान, समय और अन्य विवरणों की जानकारी संबंधित व्यक्तियों को उनके द्वारा दिए गए फोन नंबर पर व्यक्तिगत रूप से प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया के माध्यम से समाज के सभी वर्गों की चिंताओं और सुझावों को संकलित करना है।
