हरित ऊर्जा की दिशा में महाराष्ट्र की बड़ी छलांग, 2032 तक 45 GW क्षमता का लक्ष्य
Maharashtra Energy Policy 2032: महाराष्ट्र सरकार ने बजट 2026-27 में 2032 तक 45 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Maharashtra green hydrogen hub (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Budget 2032: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए ऊर्जा क्षेत्र को राज्य के विकास का प्रमुख आधार बताया। बजट में थर्मल ऊर्जा पर निर्भरता कम कर सौर, पवन और पंप्ड स्टोरेज ऊर्जा के मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ने की रणनीति तय की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 2032 तक 45 गीगावॉट (GW) नई ऊर्जा क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
इसके तहत नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी मौजूदा 13 प्रतिशत से बढ़ाकर 2029 तक 50 प्रतिशत, 2030 तक 52 प्रतिशत और 2035 तक 65 प्रतिशत करने की योजना बनाई गई है।
किसानों को सस्ती बिजली
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र एशिया का सबसे बड़ा विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा कार्यक्रम लागू कर रहा है। राज्य 2026 के अंत तक 16 GW सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और हर महीने लगभग 500 मेगावॉट (MW) क्षमता जोड़ी जा रही है।
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किसानों के लिए सौर ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन हब और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर सरकार का फोकस
सरकार ने पूरे कृषि विद्युत भार को सौर ऊर्जा पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव रखा है, जिससे किसानों के लिए बिजली की लागत 8 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 3 रुपये से भी कम हो सकती है। राज्य में जल्द ही 10 लाख सौर पंप स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि देश के लगभग 60 प्रतिशत सौर पंप महाराष्ट्र में ही स्थापित हैं।
पंप्ड स्टोरेज: ऊर्जा का ‘जलाशय’
सौर और पवन ऊर्जा की अनियमितता से निपटने के लिए बजट में पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। सरकार 78,215 मेगावॉट क्षमता वाली 55 परियोजनाओं के लिए एमओयू प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है, जिनमें लगभग 4.16 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये परियोजनाएं दिन में अतिरिक्त बिजली को संग्रहित कर रात के पीक घंटों में आपूर्ति करेंगी।
ग्रीन हाइड्रोजन और बायोएनर्जी
महाराष्ट्र को राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन हब बनाने की दिशा में रायगड और रत्नागिरी जैसे तटीय क्षेत्रों में विशेष हब स्थापित किए जाएंगे। बायोएनर्जी के क्षेत्र में भी राज्य 3,000 मेगावॉट क्षमता के साथ देश में अग्रणी है। कृषि अपशिष्ट से ईंधन उत्पादन के लिए कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार
मराठवाड़ा और विदर्भ के सौर ऊर्जा समृद्ध क्षेत्रों से पश्चिमी महाराष्ट्र के औद्योगिक केंद्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए उच्च वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार का भी प्रस्ताव रखा गया है। इससे राज्य के ऊर्जा वितरण तंत्र को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
