देवेंद्र फडणवीस और शरद पवार (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis RS Poll Claim: महाराष्ट्र की 7 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होगा। इस चुनाव के मद्देनजर सीएम फडणवीस ने दावा किया है कि संख्या बल को देखते महायुति के 6 सांसदों का चुना जाना तय है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को सिर्फ एक सीट मिलेगी। ऐसे में वे तय करें कि उन्हें किसे राज्यसभा भेजना है। इस बार राज्यसभा का चुनाव जीतने के लिए एक सांसद को 42 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी।
इस हिसाब से भाजपा के 4 सांसदों के अलावा शिवसेना शिंदे गुट व राकां के एक-एक सांसद का चुना जाना तय है। संख्या बल के अनुसार विपक्ष की महाविकास आघाडी केवल एक सीट पर जीत दर्ज कर सकती है। आघाड़ी की घटक कांग्रेस ने कहा है कि उसे या तो राज्यसभा की सीट या विधान परिषद की सीट मिलनी चाहिए।
यूबीटी प्रवक्ता संजय राउत ने मीडिया से बातचीत में एमवीए के घटकों शिवसेना (उबाठा), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के बीच इस मुद्दे को लेकर मतभेदों की खबरों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मतभेद होना स्वाभाविक है लेकिन हम विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लेंगे। कांग्रेस का निर्णय दिल्ली में लिया जाता है, जबकि हमारा और राकां पवार गुट का निर्णय मुंबई में लिया जाता है।
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बड़ा सवाल यह है कि क्या राका अध्यक्ष शरद पवार एक बार फिर राज्यसभा जाने के लिए नामांकन भरेंगे। उन्होंने पहले कहा था कि यह उनका अंतिम कार्यकाल होगा। लेकिन उस समय उनके भतीजे अजीत पवार जिन्दा थे। ऐसे में अब अजीत के निधन के बाद उनके रुख का सबको इंतजार है।