Maharashtra politics: राज करें पहल, उद्धव तैयार! संजय राउत ने मिलन की फिर जलाई मशाल
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की एक होने की चर्चा तेज है। इस दौरान उद्धव ठाकरे की ओर से शिवसेना यूबीटी से उनके सांसद संजय राउत ने दोनों के मिलन के लिए मशाल जला ली है।
- Written By: प्रिया जैस
उद्धव ठाकरे-संजय राउत-राज ठाकरे (सौजन्य-सोशल मीडिया)
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों उद्धव ठाकरे व राज ठाकरे के एक बार फिर साथ आने की चर्चा सुर्खियों में है। जब ये चर्चा परवान चढ़ी तो दोनों ठाकरे बंधु विदेश दौरे पर चले गए थे। राज ठाकरे ने अपने समर्थकों से कहा था कि वे इस मुद्दे पर बयानबाजी न करें। विदेश दौरे से लौटने के बाद वे खुद इस पर बात करेंगे लेकिन दोनों भाई विदेश दौरे से लौटने के बाद शांत हैं।
ऐसे में अब शिवसेना यूबीटी प्रवक्ता संजय राउत ने एक बार फिर मशाल जलाते हुए कहा है कि जब राज ठाकरे ने एक साथ आने पर बयान दिया था तब हम लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी थी लेकिन अब रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए पहल राज को करनी है। इस तरह राउत ने यह जिम्मेदारी मनसे अध्यक्ष के कंधों पर डाल दी है।
द्वंद्व में हैं राज ठाकरे
सूत्रों के मुताबिक राज ने उद्धव के साथ हाथ मिलाने के लिए पहली चाल तो चल दी है। वहीं उद्धव की तरफ से पॉजिटिव रिस्पांस भी आ गया है लेकिन दूसरी तरफ राज के महायुति में शामिल बीजेपी व शिवसेना के साथ भी अच्छे सम्बन्ध हैं।
सम्बंधित ख़बरें
तानाशाही का अंत! सामना से उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर तीखा हमला, युवा आक्रोश से डरी BJP?
युवाओं के सामने उद्धव ने सिर झुकाया, जंतर-मंतर पर CJP के मंच से भरी हुंकार, बोले- महाराष्ट्र आपके साथ है
पूरी तरह मैदान में उतरे उद्धव ठाकरे, जंतर-मंतर पहुंचकर करेंगे आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन
उद्धव ठाकरे पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, 6 बागी सांसदों को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के फैसले को दी चुनौती
मनपा चुनाव की घोषणा जल्द
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य में मनपा चुनाव की घोषणा जल्द की जा सकती है। ऐसे में अगर उद्धव व राज के बीच चुनावी गठबंधन एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस वजह से सत्ताधारी दल के साथ महाविकास आघाडी में शामिल कांग्रेस की इस डेवलपमेंट पर खास नजर है।
जानकारों का कहना है कि अगर उद्धव व राज एकसाथ आते हैं तो मुंबई के मनपा चुनाव में उनका पलड़ा भारी हो सकता है। वहीं महायुति की राहें मुश्किल हो सकती है। सवाल है कि उद्धव के साथ आने पर राज का क्या रोल होगा? दोनों पार्टियों का विलय होगा या फिर सिर्फ चुनावी गठबंधन के तहत दोनों भाई साथ आएंगे।
