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तानाशाही का अंत! सामना से उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर तीखा हमला, युवा आक्रोश से डरी BJP?

Shiv Sena UBT Attacks Modi Government: शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' में केंद्र सरकार पर कड़ा हमला बोला गया है। संपादकीय में दिल्ली में युवाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर मोदी सरकार पर सवाल उठाए।

  • Written By: आकाश मसने
Updated On: Jul 22, 2026 | 01:00 PM

उद्धव ठाकरे, इनसेट- दिल्ली में हुआ प्रदर्शन व पीएम मोदी (डिजाइन फोटो)

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Shiv Sena UBT On Delhi Youth Protest: उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय के जरिए केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। नई दिल्ली में हुए युवाओं के भारी विरोध प्रदर्शन और उस पर हुई प्रशासनिक कार्रवाई का हवाला देते हुए संपादकीय में लिखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार अब अपने पतन के दौर में प्रवेश कर चुकी है।

सामना के संपादकीय में कहा गया कि जनता से संवाद करने के बजाय सरकार बल प्रयोग का रास्ता अपना रही है और यही किसी भी शासन के लिए सबसे बड़ा खतरा होता है। पुलिस सड़कों पर प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसा रही थी, लेकिन वे पीछे हटने के बजाय शांतिपूर्वक चोट सहते रहे। इसमें कहा गया कि जब ऐसे प्रदर्शनकारी पैदा हो जाते हैं, जो कहते हैं कि और मारो, लेकिन हम यहां से नहीं हटेंगे, तब तानाशाह उनका क्या बिगाड़ सकते हैं?

शिवसेना (यूबीटी) का मोदी सरकार पर तीखा वार

शिवसेना (यूबीटी) ने आरोप लगाया कि सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में सरकारी दमन देखने को मिला। बुद्ध की धरती पर सरकार की हिंसा मानवता का मजाक बन गई है। लेख के अनुसार, एक ओर प्रधानमंत्री को वैश्विक मंचों पर विश्वगुरु के रूप में प्रस्तुत किया जाता है और उनके समर्थकों में उनके प्रति अत्यधिक श्रद्धा है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में प्रदर्शनकारी युवाओं के खिलाफ प्रशासनिक कड़ाई सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि सत्ता में बैठे लोग जनता से संवाद शुरू नहीं करेंगे तो उनका शासन अधिक समय तक नहीं टिकेगा।

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संपादकीय में दावा किया गया कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटे, जो मोदी सरकार के खिलाफ बढ़ते विरोध का संकेत है। इसमें आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार आंदोलनकारियों, पत्रकारों और प्रभावित लोगों से सीधे संवाद करने से लगातार बचती रही है।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की

शिवसेना (यूबीटी) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का मुद्दा भी उठाया। सामना के लेख में कहा गया कि मौजूदा युवा असंतोष के बीच उनसे इस्तीफा लेना आसान था, लेकिन प्रधानमंत्री ऐसा नहीं कर रहे हैं। इसमें दावा किया गया कि यदि एक मंत्री का इस्तीफा लिया गया तो उसके बाद पूरी कैबिनेट में इस्तीफों की कतार लग सकती है।

पर्यावरण से जुड़े विवादों पर कही ये बात

शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र सामना के संपादकीय में देशभर में भूमि और पर्यावरण से जुड़े विवादों का भी उल्लेख किया गया। इसमें ऋषिकेश में पेड़ों की कटाई के खिलाफ चल रहे आंदोलन, झारखंड और छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्रों की कटाई तथा महाराष्ट्र के नासिक, अकोला, सोलापुर, भंडारा और बुलढाणा जिलों में भूमि अधिग्रहण, रिंग रोड निर्माण और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विरोध में किसानों के आंदोलनों का जिक्र किया गया।

उद्धव ठाकरे की पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। संपादकीय में दावा किया गया कि न्यायपालिका में नियुक्तियां और चुनाव आयोग कार्यपालिका के प्रभाव में हैं। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति नहीं होने तथा संसदीय कार्यवाही को लेकर भी सवाल उठाए गए।

संवाद समाप्त होता है, तब तानाशाही का पतन हो जाता है

बांग्लादेश, नेपाल और लीबिया में हुए छात्र एवं युवा आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा गया कि इतिहास गवाह है कि जब शासकों और जनता के बीच संवाद पूरी तरह समाप्त हो जाता है, तब नागरिक असंतोष बढ़ता है और तानाशाही शासन का पतन हो जाता है।

यह भी पढ़ें:- महिलाएं रोमांटिक रिश्ते की वजह से छोड़ रहीं घर, CM देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, पुरुषों को लेकर कही ये बात

शिवसेना (यूबीटी) ने कहा कि राजनीति में संवाद सबसे जरूरी होता है, लेकिन भाजपा और जनता के बीच संवाद खत्म हो चुका है। भाजपा के लिए मतदाता अब खरीदने की वस्तु बन गया है। 12 वर्षों तक इसी सोच के आधार पर चुनाव जीतने का दावा करने वाला अहंकार अब युवाओं के गुस्से के सामने धूल में मिल गया है।

संपादकीय में यह भी दावा किया गया कि इतिहास बताता है कि भ्रष्ट और जनता की बात न सुनने वाली सरकारें तब गिर जाती हैं, जब लोगों का धैर्य जवाब दे देता है। साथ ही भाजपा पर न्यायपालिका, चुनाव आयोग और अन्य लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा करने तथा विपक्ष को कमजोर करने का आरोप भी लगाया गया।

Samana editorial shiv sena ubt attacks modi government over delhi youth protest

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Published On: Jul 22, 2026 | 01:00 PM

Topics:  

  • Cockroach Janta Party
  • Saamana
  • Shiv Sena UBT
  • Uddhav Thackeray

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