पूरी तरह मैदान में उतरे उद्धव ठाकरे, जंतर-मंतर पहुंचकर करेंगे आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन
Uddhav Thackeray Jantar Mantar Visit: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे 22 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों को समर्थन देने पहुंचेंगे।
- Written By: अनिल सिंह
उद्धव ठाकरे (फोटो क्रेडिट-X)
Uddhav Thackeray Jantar Mantar: देश की राजधानी दिल्ली में नीट (NEET) परीक्षा में कथित धांधली, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था के मुद्दों को लेकर जारी भारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। छात्रों और युवाओं के इस आंदोलन को अपना सीधा समर्थन देने के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) के पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे खुद मैदान में उतर गए हैं।
उद्धव ठाकरे 22 जुलाई, बुधवार को विशेष दौरे पर दिल्ली पहुंच रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुबह 8 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरेंगे और सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पहुंचकर अनशन पर बैठे प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात कर आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देंगे।
सरकार किसान और युवा विरोधी
उद्धव ठाकरे के दिल्ली दौरे की पूर्व संध्या पर 21 जुलाई को मुंबई में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। किसानों के दिल्ली मार्च और छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए राउत ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से किसान-विरोधी और युवा-विरोधी मानसिकता से काम कर रही है।
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राउत ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ और पूंजीपति मित्रों के हितों की रक्षा में लगे हैं। उन्हें न तो अपनी फसल के सही दाम मांग रहे अन्नदाता की चिंता है और न ही देश के करोड़ों होनहार युवाओं के भविष्य की, जो सड़कों पर लाठियां खाने को मजबूर हैं।
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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
संजय राउत ने दिल्ली में सोमवार को हुए विशाल प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रसिद्ध पर्यावरणविद व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Uncertain Hunger Strike) शुरू की। लेकिन उन्हें जबरन अस्पताल भेज दिया गया। राउत ने आरोप लगाया कि जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बेकसूर छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए राउत ने कहा, “आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाना चाहते हैं या देश की ध्वस्त होती शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के भविष्य की रक्षा करना चाहते हैं? यही वर्तमान राजनीति का सबसे बड़ा अंतर है।”
संसद से लेकर सड़कों तक आंदोलन को धार देने की रणनीति
शिवसेना ठाकरे समूह द्वारा जंतर-मंतर के मंच पर सीधे उतरने के इस फैसले ने विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) और इंडिया (INDIA) ब्लॉक की एकजुटता को भी नई ताकत दी है। उद्धव ठाकरे का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब दिल्ली की सीमाओं और जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे जंतर-मंतर पर सभा को संबोधित करने के बाद दिल्ली में अन्य राष्ट्रीय विपक्षी नेताओं के साथ भी बैठक कर सकते हैं। शिवसेना (यूबीटी) ने साफ कर दिया है कि जब तक नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेकर पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक संसद से लेकर सड़कों तक यह संग्राम जारी रहेगा।
