विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे को अपशब्द कहना पड़ा भारी, NCP कार्यकर्ता सूर्यकांत मोरे को 30 दिन जेल की सजा
Ram Shinde Insulting Case: महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति ने राम शिंदे के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर एनसीपी (एसपी) कार्यकर्ता सूर्यकांत मोरे को 30 दिन की सजा सुनाई है।
- Written By: आकाश मसने
महाराष्ट्र विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Suryakant More 30 Days Jail News: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘जुबानी जंग’ अब कानूनी कार्रवाई और सजा की दहलीज तक पहुंच गई है। महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति ने मंगलवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कार्यकर्ता सूर्यकांत मोरे के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाया है। समिति ने मोरे को अध्यक्ष राम शिंदे के खिलाफ “अपमानजनक और अपशब्दों” का प्रयोग करने के आरोप में 30 दिनों के दीवानी कारावास की सिफारिश की है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद नवंबर 2024 का है, जब कर्जत-जामखेड़ विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक विवाद के दौरान सूर्यकांत मोरे ने कथित तौर पर महाराष्ट्र विधान परिषद अध्यक्ष राम शिंदे के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। गौरतलब है कि शिंदे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और हालिया विधानसभा चुनाव में इसी सीट से उन्हें रोहित पवार के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
समिति ने क्यों लिया इतना सख्त फैसला?
समिति के अध्यक्ष और भाजपा एमएलसी प्रसाद लाड ने सदन में रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि सदन की गरिमा और उच्च सदन के सभी पूर्व सदस्यों का अपमान है। लाड ने स्पष्ट किया, “संवैधानिक अधिकारियों को निशाना बनाकर अपशब्दों का प्रयोग करने वालों को कड़ा संदेश देने के लिए यह सख्त कार्रवाई आवश्यक है।” उन्होंने इस मामले को ‘रेयर ऑफ द रेयरेस्ट’ श्रेणी में रखा।
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तकनीकी पेंच और सजा का तरीका
विधान परिषद का मौजूदा सत्र 25 मार्च को समाप्त होने वाला है। नियमों के अनुसार, सत्र समाप्त होते ही दीवानी सजा भी समाप्त हो जाती है। इस तकनीकी बाधा को देखते हुए, प्रसाद लाड ने एक विशिष्ट सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि चूंकि सत्र समाप्त होते ही सजा निरस्त हो जाएगी, इसलिए समिति चाहती है कि यदि मोरे की 30 दिन की अवधि पूरी नहीं होती है, तो शेष दिनों का कारावास विधान परिषद के अगले सत्र के दौरान पूरा कराया जाए।
