Maharashtra Political Crisis Sanjay Raut (फोटो क्रेडिट-X)
Maharashtra Political Crisis 2026: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है। गुरुवार की सुबह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने दावा किया कि महायुति गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है और जल्द ही एक बड़ा राजनीतिक भूकंप आने वाला है। राउत के अनुसार, सत्तारूढ़ गठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों के विधायक अपनी पार्टियों के भविष्य को लेकर डरे हुए हैं और सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं।
संजय राउत ने इस Maharashtra Political Crisis 2026 की पृष्ठभूमि समझाते हुए कहा कि यह दलबदल केवल सत्ता की भूख नहीं, बल्कि अस्तित्व की लड़ाई है। उन्होंने हाल ही में सुनेत्रा पवार द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र का भी जिक्र किया, जिसमें प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे वरिष्ठ नेताओं के पदों का उल्लेख नहीं था। राउत का मानना है कि इन आंतरिक मतभेदों के कारण विधायक अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में हैं और सही समय का इंतजार कर रहे हैं।
संजय राउत ने स्पष्ट आंकड़े देते हुए कहा कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 25 से 30 विधायक और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के भी लगभग 25 विधायक भाजपा में शामिल होने की तैयारी कर चुके हैं। राउत ने दावा किया कि ये कुल 50 विधायक अपनी मूल पार्टियों का भाजपा में विलय करने का मन बना चुके हैं। उन्होंने कहा, “विधायकों को बस कुछ समय इंतजार करने और स्थिति देखने के लिए कहा गया है।”
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संजय राउत ने शिंदे गुट और NCP के कुल 50 विधायकों के भाजपा में जाने की भविष्यवाणी की है।
(फोटो सोर्सः सोशल मीडिया)
राउत ने कहा कि सुनेत्रा ताई की पार्टी और एकनाथ शिंदे की पार्टी में आने वाले दिनों में ऐतिहासिक टूट देखने को मिलेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे दिग्गज नेता शायद नई व्यवस्था में खुद को फिट नहीं पा रहे हैं। उनके अनुसार, महायुति के भीतर बढ़ता अविश्वास ही इस Maharashtra Political Crisis 2026 का मुख्य आधार बनेगा, जिससे राज्य की सत्ता संरचना पूरी तरह बदल सकती है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में राउत ने शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न से संबंधित मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई स्थगित होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की भी आलोचना करते हुए इसे पक्षपाती बताया। राउत ने स्पष्ट किया कि जब तक संवैधानिक संस्थाएं निष्पक्ष नहीं होंगी, तब तक राज्य में राजनीतिक अस्थिरता का दौर जारी रहेगा।