

Vidarbha Drought GSDA Report: नागपुर मंडल में कम मानसूनी बारिश के कारण नागपुर संभाग में भूजल स्तर चिंताजनक गति से नीचे गिर गया है। इससे पेयजल के गंभीर संकट और आगामी रबी की फसल पर बुरा असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
राज्य सरकार की भूजल सर्वेक्षण और विकास एजेंसी (जीएसडीए) के नए आंकड़ों के अनुसार सितंबर के अंत में पूरे क्षेत्र में भूजल स्तर पिछले 5 वर्षों के औसत की तुलना में 42% कम दर्ज किया गया।
इस गिरावट से चंद्रपुर जिला सबसे अधिक प्रभावित हुआ है जहां भूजल स्तर में 73% की कमी आई है। वहीं वर्धा में 55% और नागपुर जिले में भूजल स्तर 52% तक गिर गया है।
जीएसडीए के तहसील-वार विश्लेषण के अनुसार संभाग की कुल 64 तहसीलों में से 31 में भूजल स्तर में 1 से 2 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है।
27 तहसीलों में 1 मीटर तक की कमी आई है, जबकि केवल 6 तहसीलों में भूजल स्तर में कोई गिरावट नहीं देखी गई।
नागपुर मंडल के 6 जिलों वाले इस विभाग में भूजल स्तर में औसतन 0.80 मीटर की गिरावट आई है।
सितंबर महीने में वाटर टेबल 5 साल के औसत 1.90 मीटर की तुलना में गिरकर जमीन से 2.70 मीटर नीचे चला गया, यह आकलन नागपुर, वर्धा, भंडारा, चंद्रपुर, गड़चिरोली और गोंदिया जिलों के 622 वेधशाला कुओं के आंकड़ों के आधार पर किया गया है।
चंद्रपुर जिले में वाटर टेबल 1.25 मीटर गिरकर 2.97 मीटर नीचे पहुंच गया।
वर्षा जल स्तर 1.24 मीटर गिरकर 3।50 मीटर नीचे चला गया जो इस विभाग में सबसे कम है।
नागपुर: जल स्तर में 1.17 मीटर की गिरावट के साथ यह 3.41 मीटर नीचे पहुंच गया।
भंडारा: भूजल स्तर में 46% की गिरावट के साथ वाटर टेबल 0.75 मीटर गिरकर 2.42 मीटर पर आ गया।
गड़चिरोली जल स्तर 0.27 मीटर (16%) गिरकर 1.92 मीटर पर पहुंचा।
गोंदिया यहां सबसे कम
असर देखा गया जहां जल स्तर में केवल 0.12 मीटर (6%) की गिरावट आई और यह 1.98 मीटर दर्ज किया गया।