महाराष्ट्र नक्सलवादी (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Naxalism Final Phase: सीएम देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महाराष्ट्र नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक युद्ध के अंतिम चरण में पहुंच गया है। नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में सबसे बड़ी उपलब्धि गड़चिरोली से सामने आई है।
एसपी नीलोत्पल और उनकी टीम की कुशल रणनीति के चलते पिछले एक वर्ष में 123 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डालकर मुख्यधारा में वापसी का फैसला किया। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 31 मार्च 2026 की समयसीमा से ठीक एक दिन पहले मुंबई में उच्च स्तरीय अर्धवार्षिक महाराष्ट्र पुलिस सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें डीजीपी सदानंद दाते, मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सभी जिलों के एसपी शामिल हुए।
बैठक में राज्य की सुरक्षा तैयारियों और नक्सल विरोधी अभियानों की व्यापक समीक्षा की गई। अक्टूबर 2025 में नक्सल कमांडर भूपति सहित 61 नक्सलियों ने सीधे सीएम के सामने आत्मसमर्पण किया था, जो राज्य के इतिहास में सबसे बड़ा सरेंडर रहा।
फरवरी 2026 में 25 लाख के इनामी टॉप लीडर प्रभाकर सहित 7 नक्सली मारे गए, जबकि दिसंबर 2025 में 82 लाख के इनामी 11 वरिष्ठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। गड़चिरोली के पालक मंत्री फडणवीस ने कहा कि मानवीय दृष्टिकोण ने नक्सली नेटवर्क को भीतर से खोखला कर दिया है। चंद्रपुर, भंडारा, नांदेड़, यवतमाल नक्सल मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।
चंदपुर, भंडारा, नांदेड़ और यवतमाल। गोंदिया की कुछ तालुका (सालेकसा, देवरी, अर्जुनी मोरगांव) भी मुक्त हुई।
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सीएम ने कहा कि बदलते अपराध के तरीकों से निपटने के लिए पुलिस को ‘डिजिटल वॉरियर’ बनना अनिवार्य है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने 2,000 करोड़ की साइबर सुरक्षा परियोजना लागू की है। सीएम ने ड्रग नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंकने और युवाओं को इस जाल से बचाने के लिए पुलिस को कड़े निर्देश दिए।