

Inter-Ministerial Briefing on West Asia: पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में संभावित बाधाओं के बीच भारत सरकार ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा को लेकर एक व्यापक रोडमैप पेश किया है। राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में आयोजित एक अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता में सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है और लॉकडाउन जैसी खबरें पूरी तरह निराधार हैं।
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल से आम उपभोक्ताओं को बचाने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाले विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (SAED) में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। वहीं, घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल के निर्यात पर 21.50 रुपये और एटीएफ (ATF) पर 29.50 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है। सरकार हर 15 दिन में इन दरों की समीक्षा करेगी।
घरेलू बाजार में ईंधन की कमी न हो, इसके लिए रिफाइनरियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने कुल निर्यातित पेट्रोल का 50% और डीजल का 30% अनिवार्य रूप से घरेलू बाजार में सप्लाई करें। इसके अतिरिक्त, कमर्शियल एलपीजी (Commercial LPG) के आवंटन को बढ़ाकर संकट-पूर्व स्तर के 70% तक पहुंचा दिया गया है। प्राकृतिक गैस के क्षेत्र में भी तेजी लाते हुए एक ही दिन में 10,568 नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए हैं।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही लॉकडाउन या ईंधन की कमी की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें। सरकार ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ 'आवश्यक वस्तु अधिनियम' के तहत सख्त कार्रवाई करें। अब तक देशभर में 3,000 से अधिक छापे मारे जा चुके हैं और 1,500 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
विदेश मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा की निरंतर निगरानी कर रहे हैं। अब तक इस क्षेत्र से लगभग 4.75 लाख यात्री भारत लौट चुके हैं। ओमान, इराक और यूएई में भारतीय मिशन चौबीसों घंटे हेल्पलाइन के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहे हैं। दुखद रूप से, विभिन्न घटनाओं में 7 भारतीयों की जान जाने की पुष्टि हुई है, जिनके पार्थिव शरीरों को वापस लाने के लिए दूतावास सक्रिय हैं।
सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि भारत के बंदरगाह सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं और ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों (जैसे इलेक्ट्रिक कुकटॉप और पीएनजी) को अपनाकर हम इस वैश्विक संकट का मजबूती से सामना कर सकते हैं।