महाराष्ट्र में National Census 2027 का अगला फेज शुरू, जानें क्या है ये चरण और एन्यूमरेटर्स क्या पूछेंगे सवाल?
महाराष्ट्र में National Census 2027 का दूसरा चरण शुरू! जनकल्याण के लिए जनगणना थीम के तहत डिजिटल तरीके से डेटा एकत्र किया जा रहा है। जानें क्या है प्रक्रिया और स्व-गणना के लिए SE ID का महत्व।
- Written By: गोरक्ष पोफली
सांकेतिक फोटो (सोर्स: सोशल फोटो)
Maharashtra Census Update: National Census 2027 का महाराष्ट्र में दूसरा चरण 16 मई 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो चुका है, जो 14 जून 2026 तक जारी रहेगा। इस विशाल और महत्वपूर्ण अभियान को जनकल्याण के लिए जनगणना की विशेष थीम के तहत संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य भविष्य की सरकारी योजनाओं के लिए एक सटीक और मजबूत आधार तैयार करना है। स्रोतों के अनुसार, यह देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना है, जिसे आधुनिक तकनीकों और व्यापक जनशक्ति के समन्वय के साथ निष्पादित किया जा रहा है।
कैसे हो रहा है काम?
इस अभियान के संगठनात्मक ढांचे की बात करें तो, कुशल प्रबंधन के लिए राज्य के हर शहर को हाउस-लिस्टिंग ब्लॉकों में विभाजित किया गया है। इस कार्य को जमीनी स्तर पर पूरा करने के लिए पूर्ण महाराष्ट्र में लगभग 264,000 एन्यूमरेटर्स और सुपरवाइजरों की एक विशाल टीम को तैनात किया है। इन प्रगणकों को प्रगति और विकास जैसे प्रेरक नामों से संबोधित किया गया है, जिन्हें घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है। गणना की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए, प्रत्येक प्रगणक को औसतन 800 व्यक्तियों की जानकारी एकत्र करने का कार्य सौंपा गया है।
डिजिटल जनगणना
जनगणना की प्रक्रिया इस बार पूरी तरह से डिजिटल और व्यवस्थित है। फील्ड अधिकारी House Listing Operation Application (HLO App) का उपयोग करके परिवारों और उनके निवास स्थानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज कर रहे हैं। इस प्रक्रिया की शुरुआत संबंधित क्षेत्रों के सटीक लेआउट मैप तैयार करने और प्रत्येक मकान को एक विशिष्ट नंबर आवंटित करने से होती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी क्षेत्र छूट न जाए और डेटा संग्रहण पूरी तरह सटीक हो, प्रशासन ने नागरिकों से प्रगणकों को सही जानकारी देने की अपील की है।
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सेल्फ एन्यूमरेशन वाले क्या करें?
उन नागरिकों के लिए जिन्होंने 1 मई से 15 मई के बीच अपनी डिजिटल सेल्फ-एन्यूमरेशन की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, सत्यापन का एक सरल प्रावधान रखा गया है। प्रगणकों के घर आने पर ऐसे नागरिकों को अपना 11 अंकों का SE ID दिखाना होगा, जो उन्हें स्व-गणना के दौरान प्राप्त हुआ था। यह न केवल प्रक्रिया को तेज करता है, बल्कि डेटा के सत्यापन को भी सुगम बनाता है।
अभियान की सफलता के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। फील्ड ऑपरेशनों के दौरान आने वाली चुनौतियों और प्रगति की समीक्षा के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उदाहरण के तौर पर, नागपुर के धरमपेठ में ज़ोन के लिए हाल ही में शहर की वाल्मीकि हायर प्राइमरी स्कूल में एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें संभावित समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की गई। इस प्रकार, 2027 की यह जनगणना न केवल एक सांख्यिकीय अभ्यास है, बल्कि राष्ट्र के बेहतर भविष्य की योजना बनाने के लिए एक डिजिटल और सामूहिक प्रयास है।
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एन्यूमरेटर्स क्या पूछेंगे?
स्रोतों के आधार पर, 2027 की राष्ट्रीय जनगणना के दौरान प्रगणकों (एन्यूमरेटर्स) द्वारा पूछे जाने वाले मुख्य प्रश्न और एकत्र की जाने वाली जानकारी इस प्रकार है:
- परिवार और मकान संबंधी जानकारी: प्रगणक मुख्य रूप से परिवार के सदस्यों और उनके निवास (मकान) से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र करेंगे।
- डिजिटल डेटा प्रविष्टि: यह सारी जानकारी House Listing Operation Application (HLO App) के माध्यम से डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी।
- मकान का विवरण और मैपिंग: प्रगणक संबंधित क्षेत्रों के लेआउट मैप तैयार करेंगे और प्रत्येक मकान को एक नंबर आवंटित करेंगे।
- SE ID का सत्यापन: जिन नागरिकों ने 1 मई से 15 मई के बीच डिजिटल स्व-गणना की प्रक्रिया पूरी कर ली है, उन्हें प्रगणकों को अपना 11 अंकों का SE ID दिखाना होगा।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे परिवार और घर से जुड़ी सटीक और सही जानकारी प्रदान करें, क्योंकि यही डेटा भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्य आधार बनेगा।
