22 लाख छात्रों के भविष्य पर संकट! NEET पेपर लीक पर यवतमाल में विरोध; दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
Yavatmal NEET UG 2026: यवतमाल में NEET UG 2026 पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ प्रोफेशनल टीचर्स एसोसिएशन ने ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
- Written By: रूपम सिंह
नीट पेपर लीक यवतमाल में विरोध (फोटो सोर्स- नवभारत)
Yavatmal Paper Leak Case: यवतमाल देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में शामिल नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक और बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के खिलाफ यवतमाल जिला प्रोफेशनल टीचर्स एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
एसोसिएशन ने कहा कि इस घोटाले के कारण देशभर के 22 लाख से अधिक विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। मेहनत और लगन से तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के साथ बड़ा अन्याय हुआ है। संगठन ने इस पूरे प्रकरण में शामिल सभी लोगों, चाहे वे कोचिंग संस्थानों के संचालक हों या अन्य संबंधित व्यक्ति, के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
महाराष्ट्र प्रोफेशनल टीचर्स एसोसिएशन के राज्याध्यक्ष प्रशांत कासार के नेतृत्व में राज्य के प्रत्येक जिले में जिलाधिकारियों को ज्ञापन देकर इस मामले का विरोध दर्ज कराया गया, संगठन ने मांग की कि पेपर लीक रैकेट, भ्रष्ट अधिकारियों और संबंधित निजी कोचिंग क्लास संचालकों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए। साथ ही मामले की जांच कर रही सीबीआई से निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।
सम्बंधित ख़बरें
यवतमाल में MD ड्रग्स के साथ 4 गिरफ्तार, SUV से हो रही थी तस्करी; 5.39 लाख का माल जब्त
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना पर उठे सवाल: वर्धा में 46 डिग्री गर्मी के बीच बुजुर्गों को स्लीपर कोच में भेजने
बिजली बिल से छुटकारा? कम खर्च में सोलर; नागपुर-वर्धा के 3.79 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा SMART योजना लाभ
वर्धा जिले में भीषण गर्मी का कहर: पिछले 24 घंटों में उष्माघात (लू) से 4 लोगों की मौत, प्रशासन में मची हलचल
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि दोषियों को जल्द सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और कानून का भय बना रहे। एसोसिएशन ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग करते हुए कहा कि नीट जैसी संवेदनशील परीक्षाओं के लिए आधुनिक और सुरक्षित व्यवस्था लागू करना समय की आवश्यकता है।
संगठन ने ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के कामकाज में अधिक पारदर्शिता लाने की मांग की। संगठन ने सुझाव दिया कि परीक्षा एक ही दिन आयोजित करने के बजाय विभिन्न चरणों या मल्टीपल शिफ्ट में आयोजित की जाए, जिससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके।
यह भी पढ़ें:- यवतमाल में MD ड्रग्स के साथ 4 गिरफ्तार, SUV से हो रही थी तस्करी; 5.39 लाख का माल जब्त
केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के निर्णय का स्वागत
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान द्वारा अगले वर्ष से नीट परीक्षा को कंप्यूटर आधारित ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की घोषणा का संगठन ने स्वागत किया, साथ ही जेईई की तर्ज पर नीट मेन्स और नीट एडवास के रूप में दो चरणों में परीक्षा आयोजित करने की मांग भी की गई। इस अवसर पर विदर्भ विभागीय अध्यक्ष योगीराज अरसोड, जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर आष्टेकर, राज्य प्रतिनिधि संजय पवार तथा कार्याध्यक्ष योगेंद्र भुसे उपस्थित थे।
