एआईएमआईएम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mumbai News In Hindi: महाराष्ट्र की 29 मनपा के चुनावों में एआईएमआईएम ने एक बार फिर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया है।
असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली पार्टी ने मुस्लिम बहुल इलाकों में रणनीतिक रूप से उम्मीदवार उतारे और उम्मीद से कहीं अधिक सफलता हासिल की है। यह चुनाव पार्टी के लिए राज्य स्तर पर अपनी उपस्थिति मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई की बीएमसी में एआईएमआईएम ने पहली बार बड़ी छाप छोड़ी। पार्टी ने 7 सीटें जीतकर इतिहास रचा, जिसमें मुंब्रा इलाके की सभी 6 सीटों पर पूर्ण कब्जा जमाया। यह जीत पार्टी के लिए मुंबई में मजबूत आधार बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।
छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में एआईएमआईएम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए, भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। यहां पार्टी ने मजबूत संख्या में सीटें जीतीं।
मालेगांव नगर निगम में एआईएमआईएम का डंका बजा, जहां पार्टी ने 20 सीटें जीतकर सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह क्षेत्र पार्टी की पारंपरिक ताकत का केंद्र रहा है। धुलिया में एआईएमआईएम ने 8 सीटें जीतकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि अमरावती में 6 उम्मीदवार निर्वाचित हुए।
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नांदेड़ में पार्टी के 14 पार्षद चुने गए, जिससे यहां दूसरे सबसे बड़े दल के रूप में उभरने की संभावना मजबूत हुई है। जालना में भी पार्टी ने 2 सीटें जीतीं। ये नतीजे पार्टी की रणनीति की सफलता दर्शाते हैं जहां पार्टी ने मुस्लिम बहुल वाड़ों पर फोकस किया और स्थानीय मुद्दों को उठाकर मतदाताओं का विश्वास जीता है।
इन चुनावों का असर न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि आने वाली विधानसभा और लोकसभा राजनीति पर भी पड़ सकता है। एआईएमआईएम अब महाराष्ट्र में एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित हो रही है, जो राज्य की बहुरंगी राजनीति को नया आयाम दे रही है।