महाराष्ट्र में साहूकारों की खैर नहीं! चंद्रपुर किडनी कांड के बाद सख्त हुई सरकार, कानून में होगा बड़ा बदलाव
Pankaj Bhoyar Statement: महाराष्ट्र सरकार ने अवैध साहूकारों के खिलाफ जंग छेड़ दी है। चंद्रपुर में किसान का गुर्दा बिकवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद अब MCOCA के तहत कार्रवाई होगी।
- Written By: आकाश मसने
मंत्री पंकज भोयर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Maharashtra Money Lending (Regulation) Act Amendment: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में फल-फूल रहे अनधिकृत साहूकारों और उनके पीछे छिपे अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोहों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुधवार को विधानसभा में गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने घोषणा की कि राज्य सरकार ‘महाराष्ट्र साहूकारी (विनियमन) अधिनियम 2014’ में संशोधन कर इसे और अधिक कठोर बनाने जा रही है। यह कदम चंद्रपुर के एक किसान के साथ हुई उस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद उठाया गया है, जिसे अपना कर्ज चुकाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपना गुर्दा (Kidney) बेचने पर मजबूर किया गया था।
कर्ज के बदले किसान की किडली बेची
इस मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित किसान ने मूल राशि 9.15 लाख रुपये के मुकाबले साहूकारों को 48.53 लाख रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया था। इसके बावजूद, सूदखोरों का लालच कम नहीं हुआ और उन्होंने किसान को डरा-धमकाकर कंबोडिया के नोम पेन्ह ले जाकर उसका गुर्दा निकलवा लिया।
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इस मामले के खुलासे के बाद गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। मंत्री पंकज भोयर ने सदन में बताया कि पकड़े गए साहूकारों के पास कोई लाइसेंस नहीं था और उनकी संपत्तियों को जब्त करने के आदेश दे दिए गए हैं।
तमिलनाडु से कंबोडिया तक फैला है नेटवर्क
SIT की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह रैकेट केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार तमिलनाडु के त्रिची से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंबोडिया तक जुड़े हुए हैं। पुलिस को सोलापुर के एक बिचौलिए पर संदेह है, जिसने अब तक कम से कम 10 व्यक्तियों के गुर्दे बिकवाने में इस गिरोह की मदद की है। अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस को देखते हुए सरकार अब इन अवैध साहूकारों के खिलाफ मकोका (MCOCA) के तहत मामला दर्ज करने की मांग पर विचार कर रही है।
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जिला स्तर पर हुआ समितियों का गठन
अवैध साहूकारी को जड़ से मिटाने के लिए सरकार ने प्रत्येक जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समितियां गठित की हैं। ये समितियां न केवल अवैध साहूकारों के खिलाफ सीधी कार्रवाई करेंगी, बल्कि उन्हें हर तीन महीने में सरकार को अपनी प्रगति रिपोर्ट भी देनी होगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में कोई भी किसान साहूकारों के इस खूनी और संगठित अपराध के जाल में न फंसे।
