मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व नरहरी झिरवल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Devendra Fadnavis On Narhari Zirwal: महाराष्ट्र के मंत्री नरहरी झिरवल का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद उनके मंत्री पद पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर स्पष्ट कहा कि झिरवल से संबंधित वीडियो को देखेंगे (पड़ताल कराएंगे) उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंत्री झिरवल ने उनसे फोन करके बताया था कि उनका वीडियो अलग-अलग (दो-चार) वीडियो को जोड़कर बनाया गया है।
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैंने उन्हें इस संबंध में तुरंत शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया है। वीडियो की जांच कराई जाएगी। अगर वीडियो सही निकला तो एक्शन जरूर होगा। हम और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार मिलकर उचित निर्णय लेंगे।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से महायुति सरकार में धनंजय मुंडे और माणिकराव कोकाटे के बाद झिरवल तीसरे सर्वाधिक विवादित मंत्री साबित हो रहे हैं। मस्साजोग के सरपंच संतोष देशमुख की नृशंस हत्या मामले में करीबी वाल्मीकि कराड़ की गिरफ्तारी की वजह से धनंजय को मंत्री पद गंवाना पड़ा था। वहीं किसानों के प्रति संवेदनहीन बयान देने, फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सरकारी घर हथियाने तथा विधानमंडल सत्र के दौरान सदन में ऑनलाइन ताश का गेम खेलने की वजह से माणिकराव कोकाटे को अपना मंत्री पद गंवाना पड़ा था। ठीक उसी तरह से अब नरहरी झिरवल के मंत्री पद पर भी तलवार लटक रही है।
कुछ दिन पहले मंत्रालय स्थित झिरवल के कार्यालय में उनके सहयोगी को भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते (एसीबी) की टीम ने 35 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। लेकिन तब झिरवल मुंबई में नहीं थे। जांच रिपोर्ट में उनका नाम नहीं आया। इसलिए सीएम ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। लेकिन इस बार ट्रांसजेंडर महिला के साथ वायरल हुए कथित वीडियो ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल लगातार झिरवल के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। लेकिन विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि एक पूर्व मंत्री झिरवल की विकेट लेना चाहते हैं।
यह भी पढ़ें:- मंत्री नरहरी झिरवल के वायरल वीडियो से सियासी तूफान, महाराष्ट्र सरकार में हड़कंप, क्या जाएगी कुर्सी?
हालांकि सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मंत्री नरहरी झिरवल का इस्तीफा लेने से इनकार कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि आरोप लगते ही इस्तीफा लेना उचित नहीं होता।