

Vijay Wadettiwar On RTO Vasooli Racket: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार और 'ट्रांसफर-पोस्टिंग' के आरोपों ने भूचाल ला दिया है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने परिवहन विभाग में तबादले और गैर-कानूनी वसूली का एक बड़े रैकेट के सक्रिय होने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया है कि ईमानदार अधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है और इस गोरखधंधे को सेवानिवृत्त अधिकारियों की मिलीभगत से चलाया जा रहा है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने दावा किया है कि परिवहन विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी बजरंग खरमाटे इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड हैं उन्होंने वसूली के लिए एक समकक्ष सिस्टम बनाया हुआ है। यदि राज्य में 100 रुपये की वसूली होती है तो वे खुद 90 रुपये लेते हैं। चंद्रपुर जिले में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पवन पोटदुखे के खिलाफ एसीबी द्वारा की गई कार्रवाई पहले से तय साजिश है। शिकायतकर्ता द्वारा की गई लंबी यात्रा और टोल रिकॉर्ड में गड़बड़ी यह साबित करती है कि यह मामला सिर्फ गरीबों को फंसाने के लिए बनाया गया है। विजय वडेट्टीवार ने इस मामले को लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक को पत्र लिखकर मामले की गहन जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
विजय वडेट्टीवार ने पाखंडी तांत्रिक अशोक खरात मामले और मंत्रियों के सरकारी आवास के दुरुपयोग की और इशारा करते हुए कहा कि कुछ लोग तंत्र-मंत्र का इस्तेमाल करके अपनी कुर्सी बचाने या दूसरों को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। जब मंत्री नरहरी झिरवल अपने ऑफिस में एसीबी के जाल में फंसे थे तब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उन्होंने सरकारी आवास का दुरुपयोग किया है। मुख्यमंत्री इस मामले की जांच कर कार्रवाई करें।
वडेट्टीवार ने कहा कि पुणे जमीन घोटाला हो या आरटीओ में वसूली, सरकार सिर्फ छोटी मछलियों पर कार्रवाई कर रही है और बड़ी मछलियों को बचा रही है। मौजूदा सरकार में अंदरूनी गैंगवॉर चल रहा है।