BJP को 519 करोड़ चंदा देने वाली कंपनी का 94.68 करोड़ जुर्माना माफ! मचा सियासी बवाल
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र सरकार में राजस्व मंत्री पर गंभीर आरोप लगे हैं। एनसीपी शरद गुट के विधायक ने मेगा इंजीनियरिंग कंपनी पर करोड़ों रुपए का जुर्माना माफ करने का दावा किया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
फाइल फोटो
Mumbai News: महाराष्ट्र विधानसभा में एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने राजस्व विभाग से सवाल पूछते हुए कहा कि हैदराबाद स्थित मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) पर लगाए गए ₹94.68 करोड़ के जुर्माने को कथित रूप से माफ कर दिया गया है।
पवार ने महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से यह जानना चाहा कि मेघा इंजीनियरिंग को “बम्पर डिस्काउंट के साथ डम्पर रिटर्न” जैसी राहत आखिर क्यों दी गई? उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी पर दिसंबर 2022 में लगाया गया जुर्माना माफ कर दिया गया और उसकी जब्त की गई मशीनरी लौटाने का आदेश भी दिया गया।
किसानों पर सख्ती, लेकिन कंपनी को राहत क्यों?
रोहित पवार ने सवाल उठाया कि वही राजस्व विभाग जो आम किसानों पर पानी, सड़क या सार्वजनिक कार्यों के लिए थोड़ी-सी मुरूम निकालने पर सख्त कार्रवाई करता है, उसी विभाग ने मेघा इंजीनियरिंग को इतनी बड़ी छूट कैसे दे दी?
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उन्होंने एक और उदाहरण देते हुए बताया कि सातारा जिले में सतारा से म्हसवड सड़क निर्माण के दौरान मेघा इंजीनियरिंग ने अवैध खुदाई की थी। उस वक्त स्थानीय तहसीलदार और एसडीओ ने कंपनी पर ₹105 करोड़ का जुर्माना ठोका, मशीनरी जब्त की और बैंक खाता भी सील कर दिया था। लेकिन जून 2022 में सरकार बदलते ही, दिसंबर 2022 में कंपनी का जुर्माना माफ कर दिया गया और उसकी जब्त मशीनरी वापस करने का निर्देश जारी हुआ। पवार ने पूछा “क्या यह भी सही है? आखिर राजस्व विभाग और मेघा इंजीनियरिंग के बीच ऐसा क्या ‘बॉन्ड’ है कि इतनी बड़ी रियायत दी गई?”
बावनकुले का जवाब
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने जवाब में कहा कि जालना और परभणी के जिलाधिकारियों ने MEIL पर अवैध खनन को लेकर जुर्माना लगाया था। वहीं, सातारा जिले की खटाव तहसील में 11 अगस्त 2022 को कंपनी के 16 वाहन अवैध खनिज परिवहन के मामले में जब्त किए गए थे।
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बीजेपी को सबसे अधिक चंदा
मेघा इंजीनियरिंग कंपनी पामिरेड्डी पिची रेड्डी और पीवी कृष्णा रेड्डी द्वारा प्रमोट की गई है। इस कंपनी ने ₹966 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदे, जिनमें सबसे बड़ी राशि भाजपा को दी गई। कंपनी ने भाजपा को लगभग ₹584 करोड़ का चंदा दिया, जबकि बीआरएस को ₹195 करोड़, डीएमके को ₹85 करोड़ दिया।
