महाराष्ट्र सरकार का ऑफर: फोटो और रील भेजो, इनाम पाओ, जानिए क्या है शर्तें
महाराष्ट्र सरकार फोटो और रील बनाने के शौकीन लोगों के लिए एक खास प्रतियागिता का आयोजन करने जा रही है। सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय ने महाराष्ट्र की प्राचीन, ऐतिहासिक विरासत और विभिन्न महत्वपूर्ण पर आधारित 'महाराष्ट्र माझा' फोटो, रील और लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन किया है।
- Written By: आकाश मसने
(डिजाइन फोटो)
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार फोटो और रील बनाने के शौकीन लोगों के लिए एक खास प्रतियागिता का आयोजन करने जा रही है। सूचना और जनसंपर्क महानिदेशालय ने महाराष्ट्र की प्राचीन, ऐतिहासिक विरासत और विभिन्न महत्वपूर्ण पर आधारित ‘महाराष्ट्र माझा’ फोटो, रील और लघु फिल्म प्रतियोगिता का आयोजन किया है। इस प्रतियोगिता की घोषणा सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय के माध्यम से की गई है।
इस प्रतियोगिता के लिए ‘महाराष्ट्र माझा’ (मेरा महाराष्ट्र) की अवधारणा के आधार पर महाराष्ट्र की कृषि, शैक्षिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, जल संरक्षण, जल संसाधन, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, पर्यटन और पर्यावरण, वन आदि योजनाओं से संबंधित तस्वीरें, रील और लघु फिल्में भेजी जा सकती हैं।
यह भी पढ़ें:- डब्बावाला एसोसिएशन ने MMRDA से की बड़ी मांग, बोले- लोकल की तरह मोनो और मेट्रो ट्रेन में हो लगेज डिब्बा
सम्बंधित ख़बरें
Nashik Ring Road: मुआवजे पर किसानों को जगी उम्मीद, CM फडणवीस ने दिया बागायती जमीन के समान दर का आश्वासन
महाराष्ट्र में अनाथ और बेसहारा बच्चों को मिलेंगे 2500 महीना, जानिए बालसंगोपन योजना की पूरी प्रक्रिया
नागपुर कलमना APMC के ‘राष्ट्रीय दर्जे’ का रास्ता साफ! सरकार के नोटिफिकेशन के खिलाफ दायर याचिका खारिज
Ladki Bahin Yojana: इस तारीख को आ सकती है मई की किस्त, बीजेपी विधायक ने दिया बड़ा अपडेट
मिलेंगे ये पुरस्कार
प्रतियोगता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए चयनित तस्वीरों, रीलों और लघु फिल्मों को क्रमशः 25,000 रुपए, 20,000 रुपए और 15,000 रुपए के पुरस्कार दिए जाएंगे और 3,000 रुपए के पंद्रह प्रोत्साहन पुरस्कार दिए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में प्राप्त फोटोग्राफ्स में से गुणवत्तापूर्ण फोटोग्राफ्स का प्रदर्शन मंत्रालय के त्रिमूर्ति परिसर के साथ-साथ पूरे प्रदेश में किया जाएगा। साथ ही रील्स और शॉर्ट फिल्मों का प्रचार-प्रसार सरकार के सोशल मीडिया के जरिए भी किया जाएगा। प्रदर्शनी के लिए राज्य भर से प्राप्त गुणवत्तापूर्ण फोटोग्राफों का चयन करने के लिए विशेषज्ञों की एक समिति नियुक्त की जाएगी।
जो लोग प्रतियोगिता में भाग लेना चाहते हैं उन्हें 31 अगस्त 2024 तक ई-मेल आईडी dgiprdlo@gmail.com पर भेजना होगा। अपना नाम, पूरा पता, मोबाइल नंबर और जहां से फोटो ली गई है, उसकी जानकारी देना जरूरी है।
यह भी पढ़ें:- बदलापुर मामले में SIT की बड़ी कार्रवाई, आदर्श विद्यालय के खिलाफ POCSO के तहत मामला दर्ज
यह है प्रतियोगिता नियम
1. फोटोग्राफी प्रतियोगिता
- फोटोग्राफ मानक आकार 18×30 इंच एचडी के होने चाहिए।
- फोटोग्राफ का विषय सूचना एवं जनसंपर्क महानिदेशालय द्वारा सुझाए गए विषय के अनुरूप होना चाहिए।
- फोटोग्राफ खुद की क्रिएटिविटी का होना चाहिए।
- तस्वीरों में कोई अनुचित दृश्य नहीं होना चाहिए।
- किसी भी कॉपीराइट सामग्री का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
- फोटोग्राफ का विस्तृत विवरण अपेक्षित है।
- सूचना एवं जनसंपर्क के पास प्रतियोगियों की तस्वीरें होंगी।
2. रील प्रतियोगिता
- रील्स के लिए समय सीमा अधिकतम 1 मिनट होनी चाहिए।
- इसमें अभद्र भाषा, आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग नहीं किया जा सकता।
- किसी भी कॉपीराइट का उल्लंघन न हो।
- एक से अधिक प्रविष्टियों की अनुमति नहीं है।
- प्रतियोगिता 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए खुली है
- रील्स नई होनी चाहिए और विशेष रूप से इस प्रतियोगिता के लिए बनाई गई होनी चाहिए।
- सूचना और पीआर के पास प्रतियोगियों की रीलों का स्वामित्व अधिकार होगा।
3. लघु फिल्म प्रतियोगिता
- लघु फिल्म की अवधि न्यूनतम 3 मिनट से अधिकतम 5 मिनट होनी चाहिए।
- इस प्रतियोगिता में 18 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी व्यक्ति भाग ले सकता है।
- लघु फिल्म नई होनी चाहिए। इस प्रतियोगिता के लिए विशेष रूप से लघु फिल्म बनाई जानी चाहिए।
- अभद्र भाषा, हिंसा, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग न हो इसका ध्यान रखना चाहिए।
- प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को महाराष्ट्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट विषयों और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए लघु फिल्में प्रस्तुत करनी होंगी।
- सावधान रहें कि किसी भी कॉपीराइट का उल्लंघन न हो।
- मानक वीडियो प्रारूप MP4 HD 1920 * 1080 अपेक्षित है। एक अलग यूट्यूब प्रारूप/X प्रारूप होना चाहिए।
- यह सुनिश्चित किया जाए कि लघु फिल्म मराठी, हिंदी, अंग्रेजी भाषा में बनाई जाए।
- लघु फिल्म एचडी प्रारूप में प्रस्तुत की जानी चाहिए।
- प्रतिभागियों की लघु फिल्मों का स्वामित्व अधिकार सूचना एवं जनसंपर्क के पास होगा।
