उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का बड़ा संकल्प (सोर्स- सोशल मीडिया)
Marathi Bhasha Gaurav Diwas: मराठी भाषा को केवल सांस्कृतिक अस्मिता तक सीमित न रखकर उसे रोजगार, अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्तर की भाषा बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। यह बात उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठी भाषा गौरव दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र विधानमंडल में आयोजित विशेष कार्यक्रम ‘जावे विनोदाच्या गावा’ में कही।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद उपसभापति नीलम गोऱ्हे सहित कई मंत्री, विधायक और अधिकारी उपस्थित रहे। डिप्टी सीएम शिंदे ने कहा कि मराठी हजारों वर्षों की सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाली भाषा है। यह महाराष्ट्र की अस्मिता का प्रतीक है।
ये भी पढ़ें:- होली पर कोंकण यात्रियों को तोहफा: मुंबई-सावंतवाड़ी के बीच चलेंगी विशेष एसी ट्रेनें, बुकिंग शुरू
उन्होंने महान कवि कुसुमाग्रज को नमन करते हुए संतों, साहित्यकारों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के योगदान को याद किया। शिंदे ने कहा कि मराठी को व्यवहार, प्रशासन, शिक्षा और तकनीक की भाषा बनाने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है। मराठी साहित्य का अन्य भाषाओं में अनुवाद, सरकारी कामकाज में मराठी का बढ़ता उपयोग और युवाओं के लिए भाषा को रोजगार से जोड़ने की दिशा में योजनाएं तैयार की जा रही हैं।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि डिजिटल युग में मराठी तेजी से आगे बढ़ रही है और सोशल मीडिया पर भी इसकी मजबूत उपस्थिति दिखाई दे रही है। खानदेशी, मालवणी, कोकणी और वऱ्हाडी जैसी बोलियों का विविध स्वरूप मराठी की ताकत है। कार्यक्रम में मराठी हास्य परंपरा को भी याद किया गया, जिसमें आचार्य अत्रे और पु. ल. देशपांडे की रचनात्मक शैली का उल्लेख किया गया।